उत्तर प्रदेश में संविदाकर्मियों की नौकरी को लेकर मायावती ने सरकार से क्या मांग की? एक लाख नौकरियों के वादे के बीच बीएसपी अध्यक्ष ने वर्षों से अस्थायी पदों पर काम कर रहे कर्मचारियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के संविदाकर्मियों को नियमित करने की मांग क्यों उठाई?

UP News: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों और संविदाकर्मियों के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर वर्षों से अस्थायी तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की भी अपील की। मायावती ने अपनी पोस्ट में सरकार की ओर से एक लाख नौकरियां देने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से अस्थायी रूप से काम कर रहे कर्मचारियों को भी स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए। उनके इस बयान से प्रदेश में संविदा, आउटसोर्सिंग और सरकारी कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है।
मायावती ने अपने पोस्ट में कहा कि सरकार ने एक लाख नौकरी देने का वादा किया है। इसके साथ ही उन्होंने उन कर्मचारियों के भविष्य का सवाल उठाया, जो कई वर्षों से अस्थायी पदों पर काम कर रहे हैं। उनकी मांग है कि ऐसे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने पर भी विचार किया जाना चाहिए। यह मुद्दा उन कर्मचारियों के लिए अहम है, जो लंबे समय से सरकारी विभागों और विभिन्न योजनाओं में सेवाएं दे रहे हैं।
बीएसपी अध्यक्ष ने संविदा और आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्तियों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी संविदा और आउटसोर्सिंग के खिलाफ है। मायावती ने लंबे समय से अस्थायी तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देने की जरूरत पर जोर दिया। संविदा और आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के बीच नौकरी की सुरक्षा, सेवा की अवधि और नियमितीकरण जैसे विषय लंबे समय से चर्चा का हिस्सा रहे हैं। UP News:
मायावती ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के तहत संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी मिलनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संविदाकर्मियों के नियमितीकरण का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके लिए संबंधित पदों, नियुक्ति नियमों और सरकार की नीतियों को ध्यान में रखना पड़ता है।
मायावती की इस पोस्ट के बाद संविदाकर्मियों की नौकरी की सुरक्षा और NRHM कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर चर्चा तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल, कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने की मांग बीएसपी अध्यक्ष के बयान के केंद्र में है। UP News:
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