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UP News: ब्राह्मण समाज के लिए बसपा प्रमुख का यह संदेश खास मायने लगता है। ऐसा लगता है कि वह 2007 का फॉर्मूला फिर से आजमाना चाहती हैं।

UP News: सपा-बसपा यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने की हर संभव कोशिश कर रही हैं। इस प्रतियोगिता में दोनों पार्टियां एक दूसरे पर निशाना साधने में लगी हैं। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी के आगामी ब्राह्मण सम्मेलन पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि 2007 की तरह ब्राह्मण समाज का बसपा से बढ़ता जुड़ाव सपा का चैन छीन रहा है।
बता दें जनेश्वर मिश्र की जयंती पर 5 अगस्त को सपा की ओर से ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। मायावती ने इसे ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिश बताते हुए जोर देकर कहा कि बसपा ब्राह्मणों के साथ-साथ क्षत्रिय और वैश्य समाज को भी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देने के लिए तैयार है।
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बसपा प्रमुख ने कहा, "पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए ब्राह्मण समाज को टिकट देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।" उन्होंने याद दिलाया कि 2007 में ब्राह्मण समाज के साथ मिलकर बसपा ने अकेले बहुमत की सरकार बनाई थी। अब 2027 में भी यही समीकरण दोहराए जाने की तैयारी है।
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मायवाती ने कहा, “ब्राह्मण समाज अब बसपा में अपना हित सुरक्षित मान रहा है। ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के मंत्र पर चलते हुए हमने उन्हें सरकार और संगठन दोनों में पूरी भागीदारी दी थी, जो अन्य दलों में दुर्लभ है।”बसपा प्रमुख ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ब्राह्मणों के वोट तो चाहते हैं, लेकिन संगठन और सत्ता में उन्हें उचित हिस्सेदारी नहीं देते। इसी कारण ब्राह्मण समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
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मायावती ने कहा कि बसपा किसी को 'लॉलीपॉप' देने वाली संकीर्ण राजनीति नहीं करती, बल्कि “जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है। UP News
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