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उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से आई है। उत्तर प्रदेश मेरठ से के मेरठ विकास प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में खाली और अब तक उपयोग में न लाई जा सकी जमीन को नए सिरे से विकसित कर लोगों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने से जुड़ी यह बड़ी खबर उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से आई है। उत्तर प्रदेश मेरठ से के मेरठ विकास प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में खाली और अब तक उपयोग में न लाई जा सकी जमीन को नए सिरे से विकसित कर लोगों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में 974 नए प्लॉट सृजित कर बिक्री के लिए लाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव मेरठ विकास प्राधिकरण की आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाना है। माना जा रहा है कि इस योजना के लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत भूखंडों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे हजारों लोगों को अपना आशियाना बनाने का मौका मिल सकता है। यह योजना करीब 22 हेक्टेयर जमीन पर विकसित की जानी है और इससे लगभग 5,000 लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। UP News
मेरठ विकास प्राधिकरण ने अपनी विभिन्न योजनाओं में पड़ी निष्प्रयोज्य जमीन का उपयोग बढ़ाने के लिए लैंड मोनेटाइजेशन का रास्ता अपनाया है। पहले चरण में भी प्राधिकरण ने बड़ी संख्या में भूखंड विकसित कर आवंटित किए थे और अब दूसरा चरण आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में प्रस्तावित इस नई योजना के तहत खाली पड़ी जमीन को व्यवस्थित रूप से विकसित कर अलग-अलग श्रेणियों के प्लॉट तैयार किए जाएंगे। बताया गया है कि इस चरण के लिए चिन्हित जमीन पर पहले आम नागरिकों से आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं और उनका निस्तारण भी किया जा चुका है। इससे अब योजना को बोर्ड की मंजूरी मिलने का रास्ता काफी हद तक साफ माना जा रहा है। UP News
इस नई योजना के तहत उत्तर प्रदेश के मेरठ में केवल आवासीय भूखंड ही नहीं, बल्कि अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई श्रेणियों के प्लॉट तैयार किए जाएंगे। इनमें ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के साथ-साथ व्यावसायिक भूखंड, नर्सिंग होम, स्कूल, पेट्रोल पंप और कम्यूनिटी सेंटर जैसी श्रेणियां भी शामिल हैं। UP News
प्रस्तावित 974 प्लॉटों का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:
कुल मिलाकर, यह योजना उत्तर प्रदेश के मेरठ में सिर्फ मकान बनाने की जरूरत नहीं, बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। UP News
लैंड मोनेटाइजेशन प्रक्रिया के पहले चरण में मेरठ विकास प्राधिकरण ने अपनी 9 आवासीय योजनाओं में 1455 भूखंड पुनर्नियोजित या सृजित कर लॉटरी और ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटित किए थे। इस चरण से प्राधिकरण को करीब 700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। यही वजह है कि अब उत्तर प्रदेश के मेरठ में दूसरे चरण को भी काफी अहम माना जा रहा है। पहले चरण की सफलता ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते शहरों में योजनाबद्ध भूखंडों की मांग लगातार बनी हुई है। ऐसे में मेरठ में दूसरा चरण शुरू होना न केवल रियल एस्टेट गतिविधियों को गति देगा, बल्कि शहरी विस्तार की नई संभावनाएं भी खोलेगा। UP News
इस योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के प्लॉट अलग-अलग प्रक्रिया से बेचे जाएंगे। उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए EWS और LIG श्रेणी के भूखंड लॉटरी प्रणाली से आवंटित किए जाएंगे। वहीं MIG और HIG जैसी श्रेणियों के भूखंड ई-ऑक्शन के जरिए बेचे जाने की तैयारी है। इस व्यवस्था से उत्तर प्रदेश में एक ओर जरूरतमंद वर्ग को अवसर मिलेगा, तो दूसरी ओर प्राधिकरण को पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए बेहतर राजस्व प्राप्त होने की संभावना भी रहेगी। यह जानकारी प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना के हवाले से स्थानीय रिपोर्टों में दी गई है। UP News
मेरठ तेजी से विकसित हो रहे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शामिल है। ऐसे में यहां नियोजित आवासीय भूखंडों की मांग लगातार बढ़ रही है। 974 नए प्लॉटों की यह योजना उन लोगों के लिए राहत बन सकती है, जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं। इस पहल का असर केवल आवास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय निर्माण गतिविधियों, बुनियादी ढांचे और संबंधित आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। UP News
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