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लगातार सामने आ रहे मामलों ने केजीएमयू की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं होगा।

UP News : लगातार सामने आ रहे मामलों ने केजीएमयू की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं होगा, बल्कि मरीजों के भरोसे और चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी बड़ा आघात माना जाएगा। केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में एक मरीज को पांच स्टेंट लगाए जाने का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन का दावा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में आॅडिट और जांच रिपोर्ट के आधार पर और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में एक मरीज को पांच स्टेंट लगाए जाने का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उच्च स्तरीय समिति गठित की है। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई कि आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती कुछ मरीजों को अलग-अलग समय पर स्टेंट और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा। अब विशेषज्ञ समिति यह जांच कर रही है कि लगाए गए स्टेंट चिकित्सा दृष्टि से आवश्यक थे या नहीं। इसके लिए मरीजों की एंजियोग्राफी रिपोर्ट, एंजियोप्लास्टी रिकॉर्ड और चिकित्सकीय दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है।
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सबसे गंभीर मामला यूरोलॉजी विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में आरोप सामने आए हैं कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी कैंसर दवाओं के वितरण में बड़ी अनियमितताएं हुईं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मरीजों के यूनिक हेल्थ आईडी (यूएचआईडी) का कथित रूप से दुरुपयोग कर दवाओं की खरीद दिखाई गई। जांच टीम को विभाग से बड़ी मात्रा में दवाएं भी बरामद हुईं, जिन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित नहीं रखा गया था। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद विभागाध्यक्ष को पद से हटाया गया है और कई कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
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