उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में ध्वस्तीकरण (Demolition) कार्रवाई ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भय और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर दुकानदारों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के इस बड़े फैसले की जानकारी हम आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं। UP News
बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में आज शनिवार (25 अक्टूबर 2025) सुबह शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के पास स्थित अवैध रूप से बने एक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्तीकरण (Demolition) किया गया। इस दौरान दुकानदारों और स्थानीय निवासियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, जब बुलडोज़र अचानक से मौके पर पहुंचे और दुकानों को ढहाना शुरू कर दिया। इस ध्वस्तीकरण (Demolition) कार्रवाई को लेकर दुकानदारों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था। इनमें से कई दुकानदार अपनी दुकानों को छोड़कर भागते हुए नजर आए, जबकि कुछ दुकानें ढहने के दौरान आंसू बहाते हुए बाहर बैठे थे। शुक्रवार को आवास एवं विकास परिषद ने अदालत के आदेश के आधार पर दुकानदारों को चेतावनी दी थी कि वे अपनी दुकानें खाली कर लें, जिसके बाद कुछ दुकानदारों ने स्वेच्छा से सामान हटाना शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ शास्त्रीनगर के सेक्टर 6 में स्थित भवन 661/6 में कुल 22 दुकानों का एक अवैध कॉम्प्लेक्स बना हुआ था। इसे आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में इसे वाणिज्यिक प्रयोग में बदल दिया गया। इस पर 1990 से ही अवैध निर्माण की कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही थी, और अंततः 2004 में ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को इस अवैध कॉम्प्लेक्स को गिराने का आदेश दिया था। इसके बाद अब प्रशासन ने शुक्रवार को दुकानदारों को अंतिम चेतावनी दी थी और कार्रवाई शनिवार सुबह से शुरू कर दी। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में ध्वस्तीकरण (Demolition) के दौरान दुकानदारों के चेहरे पर चिंता और भय साफ नजर आ रहे थे। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करने की कोशिश की, लेकिन कुछ दुकानों के मालिक अपनी दुकानों के गिरने का साक्षी बने और अफसोस जताते रहे। एक दुकानदार ने कहा, "हमने वर्षों तक मेहनत से यह दुकानें खोली थीं, और अब एक ही दिन में यह सब खत्म हो गया।"
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में ध्वस्तीकरण (Demolition) की प्रक्रिया को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क था। थाना प्रभारी नौचंदी इलम सिंह ने दुकानदारों से बात की और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर निगरानी की और ध्वस्तीकरण (Demolition) की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने का प्रयास किया।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण (Demolition) से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, और किसी भी अवैध निर्माण के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ में ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जहां एक तरफ दुकानदार परेशान हैं, वहीं स्थानीय लोग भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, और वे आर्थिक रूप से संकट में हैं।