मेरठ के 70 वर्षीय कलाकार असलम खान पिछले पांच दशकों से रावण के पुतले बना रहे हैं। 1975 में 3 से 5 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ उनका यह सफर अब 1.5 लाख रुपये के अनुबंधों तक पहुंच गया है। पढ़े पूरी खबर?

UP News:मेरठ के एक कलाकार ने रावण के पुतले बनाने के अपने पेशे में पांच दशक पूरे कर लिए हैं। 70 वर्षीय असलम खान ने इस काम की शुरुआत साल 1975 में की थी, जब उन्हें प्रतिदिन केवल 3 से 5 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी। आज उनके द्वारा बनाए जाने वाले पुतलों के अनुबंध 1.5 लाख रुपये तक के हो चुके हैं। असलम खान मेरठ के एक पारंपरिक पुतला निर्माता हैं जिन्होंने समय के साथ अपनी विशेषज्ञता बढ़ाई और अपनी खुद की कार्यशाला स्थापित की। मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को देशभर में दशहरा उत्सव के बीच वह समुदाय में एक सक्रिय व्यक्तित्व बने हुए हैं। उनकी यह यात्रा उनके कौशल और निरंतरता को दर्शाती है। UP News
खान के काम की एक विशिष्ट पहचान उनके द्वारा पुतलों पर बनाई जाने वाली गोलाकार और शैलीबद्ध मूंछें हैं। वह इस खास अंदाज का श्रेय फिल्म 'शराबी' में अमिताभ बच्चन के व्यक्तित्व को देते हैं। उनके पुतलों की यह विशेषता उन्हें अन्य निर्माताओं से अलग बनाती है। UP News
उनके पेशेवर सफर में लचीलापन और समर्पण रहा है। साल 1982 में मेरठ में कर्फ्यू लागू था, तब भी उन्होंने अपना काम जारी रखा। उस समय रामलीला आयोजकों ने सेना के साथ समन्वय किया ताकि नागरिक प्रतिबंधों के बीच वह आयोजन स्थल तक पहुंचकर अपने पुतलों के काम को पूरा कर सकें। UP News
20 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मेरठ और आगरा जैसे शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। स्थानीय पुलिस और यातायात अधिकारियों ने ट्रैफिक डायवर्जन किया है और रावण दहन स्थलों पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबल (PAC) और दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 के इन उत्सवों के दौरान राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया है। इस बीच असलम खान मेरठ के सांस्कृतिक आयोजनों में एक केंद्रीय व्यक्तित्व के रूप में अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। UP News
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