मेरठ के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में सोशल मीडिया रील बनाने के दौरान मधुमक्खियों के छत्ते में खलल होने से भगदड़ मच गई, जिसमें 20 लोग घायल हो गए।

UP News : मेरठ के सिविल लाइंस इलाके में स्थित सर्किट हाउस में सोमवार शाम मधुमक्खियों के एक झुंड ने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद परिसर में भगदड़ मच गई, जिसमें 15 से 20 लोग घायल हो गए। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यह करीब एक घंटे तक जारी रहा। यह घटना सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई जब कुछ युवक सोशल मीडिया रील बनाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने मधुमक्खियों के एक छत्ते को परेशान कर दिया, जिससे गुस्साए मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों पर हमला शुरू कर दिया। इस घटना ने सर्किट हाउस में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। UP News
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घायलों में नगला बट्टू निवासी अभिनव नाम का एक युवक शामिल है, जिसे 40 से 50 बार मधुमक्खियों ने डंक मारा, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर गया। उसे तुरंत लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 की सुबह तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इस हमले में साहिल और उन्नति नाम के व्यक्ति सहित कई स्कूली बच्चे भी घायल हुए, जिन्हें विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में उपचार दिया गया। हमले के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए रसोई और कमरों के भीतर शरण लेने को मजबूर हो गए। वहीं, एक बैठक के लिए पहुंचे अधिकारी भी एक घंटे तक कॉन्फ्रेंस रूम के अंदर ही रहे। UP News
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घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। मधुमक्खियों के झुंड को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। सर्किट हाउस के केयरटेकर सुरेश चंद्र ने कहा कि इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और परिसर में बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि यहां अक्सर वीवीआईपी आते रहते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने इस पूरी घटना के बारे में वन विभाग को सूचित कर दिया है। विशेषज्ञ तनुराज सिरोही ने सलाह दी है कि मधुमक्खी के डंक मारने पर तुरंत डंक निकाल देना चाहिए, प्रभावित क्षेत्र को साबुन और पानी से साफ करना चाहिए, बर्फ या ठंडी सिकाई करनी चाहिए और पेशेवर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। UP News
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