मेरठ पुलिस ने दावा किया था कि मुठभेड़ में आरोपी फिरोज के पैर में गोली लगी थी, लेकिन कोर्ट परिसर में उसके तेजी से चलते हुए वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है। पढ़े पूरी खबर?

UP News:उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक आरोपी का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह बिना किसी सहारे के तेजी से चलता नजर आ रहा है। यह वीडियो उस समय सामने आया है जब पुलिस ने दावा किया था कि एक मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी थी। मेरठ के मेरठ 15,000 रुपये के इनामी आरोपी फिरोज को लेकर यह विवाद शुरू हुआ है। फिरोज पर 11 सितंबर 2026 को कबाड़ डीलर हारून पर हमले के मामले में अपने भाई इरशाद के साथ मिलकर हत्या के प्रयास का आरोप है। यह मामला अब पुलिस के दावों और वायरल वीडियो के विरोधाभास के कारण चर्चा में है। UP News
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 की सुबह फिरोज को गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में चेक पोस्ट सौंडा के पास से पकड़ा गया था। अधिकारियों ने बताया कि जब उसे हथियार बरामद करने के लिए बजौत अंडरपास ले जाया जा रहा था, तब फिरोज ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें फिरोज के बाएं पैर में गोली लगी। इस घटना के बाद पुलिस ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें अधिकारी संदिग्ध को अपने कंधों पर उठाकर ले जा रहे थे, जिसे पैर की चोट का प्रमाण बताया गया था। UP News
20 अक्टूबर 2026 को पत्रकार नरेंद्र प्रताप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि जब फिरोज कोर्ट पहुंचा, तो वह तेजी से चलता हुआ दिखाई दिया। यह दृश्य पुलिस द्वारा पहले दिखाए गए चोटिल होने के वीडियो के विपरीत है। 20 अक्टूबर 2026 तक इस मामले में मेरठ पुलिस या न्यायिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि नहीं आई है कि कोर्ट परिसर में आरोपी की गतिशीलता की स्थिति क्या थी। UP News
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