उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया है। कमिश्नरी परिसर के आसपास मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे। किसानों के काफिले से शहर में जगह-जगह ट्रैक्टरों की लंबी कतारें दिखाई दीं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया है। कमिश्नरी परिसर के आसपास मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे। किसानों के काफिले से शहर में जगह-जगह ट्रैक्टरों की लंबी कतारें दिखाई दीं। इसी बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी महापंचायत में पहुंचे और किसानों को संबोधित करते हुए आंदोलन को लेकर आर-पार की लड़ाई का संकेत दिया। भाकियू की ओर से आयोजित इस महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसान जुटे। कमिश्नरी पार्क में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को प्रशासन और सरकार के सामने मजबूती से रखना है। अमर उजाला के अनुसार, किसान बिजली, खाद, चीनी की बढ़ती कीमतों और गन्ने के भुगतान सहित कई मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। UP News
मेरठ में किसान महापंचायत के दौरान भाकियू ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कमिश्नरी पार्क पहुंचे। किसानों के वाहनों की वजह से आसपास के मार्गों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन को यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमिश्नरी चौराहे के आसपास रूट डायवर्जन भी लागू करना पड़ा। महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया। मंच से उन्होंने किसानों के मुद्दों पर संगठन की आगे की रणनीति को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। UP News
राकेश टिकैत ने किसानों के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। उनका स्पष्ट संदेश है कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन को खत्म नहीं किया जाएगा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि भाकियू आने वाले दिनों में किसानों के मुद्दों को लेकर अपना आंदोलन और तेज कर सकती है। किसानों का कहना है कि बिजली, खाद और गन्ने के भुगतान जैसे मुद्दे सीधे उनकी आर्थिक स्थिति से जुड़े हैं। ऐसे में इन समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई के जरिए होना चाहिए। UP News
मेरठ की महापंचायत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में किसानों का ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचना बताता है कि भाकियू अपने संगठनात्मक आधार और किसान शक्ति का प्रदर्शन करने में सफल रही है। राकेश टिकैत के नेतृत्व में भाकियू पहले भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़े आंदोलन करती रही है। ऐसे में मेरठ की यह महापंचायत आने वाले दिनों में किसान आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। UP News
किसानों की भारी भीड़ और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले को देखते हुए मेरठ प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए। कमिश्नरी चौराहे के आसपास रूट डायवर्जन लागू किया गया, ताकि महापंचायत के दौरान आम लोगों को यातायात संबंधी परेशानी कम हो। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और भाकियू आगे आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है। राकेश टिकैत के आंदोलन जारी रखने के ऐलान के बाद मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति में आने वाले दिनों में हलचल और बढ़ने के संकेत हैं। UP News
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