मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में जज जयवीर सिंह नागर की अदालत ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। जानिए सांप कांड की पूरी कहानी।
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UP News : उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के मामले में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा दी गई है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने सुनाया। इससे पहले 7 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को हत्या और आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया था।
यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप का शव घर में बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा सांप दबा हुआ था और शरीर पर सांप के काटने के निशान भी बताए गए थे। शुरुआत में पत्नी रविता ने मौत को सर्पदंश से जोड़कर बताया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की। UP News
पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप था कि अमित इस संबंध का विरोध कर रहा था और इसी वजह से दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची। अभियोजन के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित का गला और मुंह दबाकर उसकी हत्या की गई। इसके बाद मौत को सर्पदंश का रूप देने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया। अदालत में इन आरोपों के समर्थन में मेडिकल रिपोर्ट और दूसरे साक्ष्य पेश किए गए।
जांच में यह बात भी सामने आई कि अमरदीप ने माता के जागरण में इस्तेमाल करने का बहाना बनाकर एक सपेरे से करीब एक हजार रुपये में सांप लिया था। अभियोजन पक्ष ने सपेरे से जुड़े गवाहों के बयान भी अदालत में पेश किए। इस गवाही को मामले की अहम कड़ी माना गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था। UP News
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमित की मौत के आसपास रविता और अमरदीप के बीच फोन पर कई बार बातचीत हुई थी। एक रिपोर्ट में हत्या वाली रात से अगले दिन तक दोनों के बीच 51 कॉल का जिक्र है। इसके अलावा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक, जांच अधिकारी और अन्य गवाहों के बयान भी अदालत के सामने रखे गए। UP News
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने 7 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा के सवाल पर सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की गई। शुक्रवार को अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ मेरठ के चर्चित सांप कांड में मुकदमे का एक बड़ा पड़ाव पूरा हुआ है। UP News
अमित कश्यप की मां मुनेश देवी ने अदालत से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी। परिवार का कहना था कि अमित की हत्या ने उनके जीवन को गहरा नुकसान पहुंचाया। इस मामले में अमित के भाई की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया। UP News
अदालत से मृत्युदंड मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। मृत्युदंड के मामलों में उच्च न्यायालय की पुष्टि और अपील से जुड़ी प्रक्रिया लागू होती है। इसलिए आगे इस मामले की न्यायिक स्थिति पर भी नजर बनी रहेगी। UP News
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