मेरठ के सोतीगंज में छिपे जम्मू-कश्मीर के कुख्यात गटारू गैंग के तीन सदस्यों समेत चार लोग गिरफ्तार। यूपी STF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मोबाइल और लैपटॉप बरामद।

गैंगस्टर गटारू गैंग के तीन सदस्य और उन्हें पनाह देने वाला स्थानीय व्यक्ति गिरफ्तार, रंगदारी, डकैती और हत्या जैसे संगीन मामलों में तलाश रही थी जम्मू-कश्मीर पुलिस
UP News : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच UPSTF और जम्मू-कश्मीर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती, जमीनों पर कब्जा, सुपारी लेकर हत्या और जानलेवा हमलों जैसी संगीन वारदातों में शामिल कुख्यात गटारू गैंग के सदस्य उत्तर प्रदेश के मेरठ में छिपकर रह रहे थे। दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मेरठ के सोतीगंज इलाके से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गैंग के तीन सदस्य और उन्हें मेरठ में ठिकाना उपलब्ध कराने वाला एक स्थानीय व्यक्ति शामिल है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दूसरे राज्यों में सुरक्षित ठिकाने तलाशते हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गटारू गैंग के सदस्यों की तलाश में जम्मू-कश्मीर पुलिस काफी समय से जुटी हुई थी। जांच के दौरान पता चला कि गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में अपना ठिकाना बनाकर रह रहे हैं। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने UPSTF की मेरठ फील्ड यूनिट से संपर्क किया। सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त अभियान तैयार किया। 2 नवंबर 2026 की रात करीब 11 बजकर 5 मिनट पर मेरठ के थाना सदर बाजार क्षेत्र के सोतीगंज मोहल्ले में दबिश दी गई। इस कार्रवाई में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता, रोहित बलोना और मेरठ निवासी माज कुरैशी के नाम सामने आए हैं। सौरभ, गौरव और रोहित जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है। UP News
पुलिस जांच के अनुसार, गटारू गैंग का प्रभाव जम्मू और सांबा जिलों में रहा है। इस गिरोह पर रंगदारी वसूलने, सुपारी लेकर हत्या करने, डकैती, लूटपाट, जमीनों पर अवैध कब्जा करने और जानलेवा हमलों जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। इस गैंग का संचालन सुमित जंडियाल उर्फ गटारू करता था। उसके साथ उसका भाई सौरभ गुप्ता और अन्य साथी भी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्यों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में पहले भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। गिरोह से जुड़े कुछ लोगों के विरुद्ध पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत भी कार्रवाई हुई थी। UP News
UPSTF की जांच में गैंग के सदस्यों के बीच पुरानी दुश्मनी और आपसी रंजिश की कहानी भी सामने आई है। बताया गया है कि सौरभ गुप्ता और विक्की खौफ एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों ने विजयपुर के एकेडमी स्कूल में कक्षा सात से 11 तक साथ पढ़ाई की थी। स्कूल के दिनों में एक दोस्त को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। समय के साथ यह विवाद व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ता चला गया। जांच में वर्ष 2018 की एक घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसमें सौरभ के दोस्तों रोहित बलोना और अक्षय शर्मा ने विक्की खौफ गैंग के सदस्य साहिल शर्मा पर चाकू से हमला किया था। इस घटना के बाद दोनों गुटों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई। UP News
गटारू गैंग की आपराधिक कहानी में 21 जनवरी 2025 की घटना भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इसी दिन जम्मू के व्यस्त ज्वेल चौक इलाके में सुमित जंडियाल उर्फ गटारू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि उसे एक पार्टी में बुलाया गया था और वहीं इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना के बाद गैंग के भीतर आपसी टकराव और आपराधिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा। इसके बाद वर्ष 2025 में गैंग से जुड़े कुछ लोगों पर हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहबाद में शराब कारोबारी शांतनु की हत्या की साजिश रचने और वारदात में शामिल होने के आरोप भी सामने आए। इस मामले में हरियाणा एसटीएफ ने कार्रवाई की थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान गैंग से जुड़े रोमेल बोहरा की मुठभेड़ में मौत हुई थी, जबकि गौरव जंडियाल समेत कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। UP News
जम्मू-कश्मीर पुलिस और UPSTF की जांच में यह भी सामने आया कि गैंग के सदस्यों ने पुलिस से बचने के लिए मेरठ में अपने सुरक्षित ठिकाने तैयार किए थे। जांच के मुताबिक, गैंग के सदस्यों की मुलाकात बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के कलहेड़ा निवासी आशू पंडित से हुई थी। इसके बाद मेरठ में किराये पर मकान और फ्लैट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। बताया गया है कि गैंग के सदस्यों को पहले मेरठ के सुभाष नगर में किराये के मकान में ठहराया गया। इसके बाद सुभारती यूनिवर्सिटी के पास एक फ्लैट में रहने की व्यवस्था की गई। जांच में अवैध पिस्टल उपलब्ध कराने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मेरठ में गैंग के सदस्यों को किन-किन लोगों ने मदद पहुंचाई और उनके रहने, खाने तथा अन्य व्यवस्थाओं में कौन-कौन शामिल था। UP News
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद होना भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए गैंग के संपर्कों, आपसी बातचीत, दूसरे राज्यों में मौजूद सहयोगियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा सकती है। जांच एजेंसियों की कोशिश है कि मेरठ में पकड़े गए लोगों के जरिए गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में इस गिरोह का नेटवर्क कितना विस्तृत है और क्या प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसके सदस्य सक्रिय हैं। UP News
मेरठ में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस और UPSTF के अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है। जम्मू-कश्मीर में संगीन आपराधिक मामलों में वांछित बताए जा रहे गैंग के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश के मेरठ को अपना ठिकाना बनाया था। उन्हें उम्मीद थी कि दूसरे राज्य में छिपकर वे पुलिस की निगाहों से बच जाएंगे, लेकिन संयुक्त पुलिस कार्रवाई ने उनकी योजना नाकाम कर दी। इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा मेरठ से आगे बढ़ने की संभावना है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि गटारू गैंग के दूसरे सदस्य कहां छिपे हैं और उन्हें किन लोगों का संरक्षण मिल रहा है। UPSTF की इस कार्रवाई से अपराधियों को एक स्पष्ट संदेश गया है कि वे प्रदेश के किसी भी शहर में छिपकर कानून से बच नहीं सकते। दूसरे राज्यों में अपराध करके उत्तर प्रदेश में ठिकाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ भी पुलिस का शिकंजा लगातार कस रहा है। UP News
विज्ञापन