
Kanwar Yatra 2023: मेरठ: आगामी चार जुलाई से देश में पवित्र श्रावण मास की शुरूआत होने जा रही है। भगवान शिव का प्रसन्न करने के लिए यह महीना अहम माना जाता है। सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2023) की भी शुरु हो जाएगी यानी इस साल कांवड़ यात्रा 4 जुलाई से आरंभ होगी। ऐसे में सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन का प्लान तैयार किया है। चार जुलाई से इसे जिले में लागू करने की तैयारी है। बताया जा रहा है सावन के शुरूआती नौ दिन और लास्ट के तीन दिन में ट्रैफिक को बंद किया जाएगा।
बताया जा रहा है कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में रूट डायवर्जन का प्लान तैयार कर लिया गया है। यात्रा के दौरान शहर में ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो और लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसके लिए यह प्लान तैयार किया गया है। शहर में कुल आठ कांवड़ मार्ग बताए जा रहे हैं। इनमें से चार पर ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद है। इसको ध्यान में रखते हुए इन्हीं मार्गों पर रूट डायवर्जन किया जाएगा। हर साल सावन महीने में भारी संख्या में शिव भक्त कांवड़ यात्रा पर जाते हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं इस यात्रा में भाग लेते हैं।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और सहारनपुर जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। इन वाहनों को दिल्ली - मेरठ एक्सप्रेस वे से डासना इंटरचेंज से पिलखुवा होते हुए हापुड़ बाइपास, टियाला अंडरपास, किठौर, परीक्षितगढ़ की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
इसके साथ ही वापस आने के लिए भी इन लोगों को इसी रूट से सफर करना होगा। कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रहा है। ऐसा माना जाता है कि जो सावन महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। Kanwar Yatra 2023