प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है और अब इस सूची में प्रयागराज का नाम भी जुड़ने जा रहा है। योगी सरकार ने संगमनगरी में लाइट मेट्रो चलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है, जिसके तहत शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है और अब इस सूची में प्रयागराज का नाम भी जुड़ने जा रहा है। योगी सरकार ने संगमनगरी में लाइट मेट्रो चलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है, जिसके तहत शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा।
प्रयागराज मेट्रो प्रोजेक्ट पर करीब 12,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के तहत कुल 45 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ा जाएगा। यह प्रोजेक्ट शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने के साथ-साथ तेज, सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प देगा।
1. बमरौली से सिटी लेक झूंसी (लगभग 39 किमी) : यह रूट शहर के पश्चिमी हिस्से को पूर्वी छोर से जोड़ेगा।
इसमें प्रमुख स्टेशन होंगे:
* बमरौली
* धूमनगंज
* सूबेदारगंज
* प्रयागराज जंक्शन
* सिविल लाइंस
* संगम
* झूंसी
* सिटी लेक
यह कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों को कवर करेगा।
प्रमुख स्टेशन:
* शांतिपुरम
* फाफामऊ
* एमएनएनआईटी
* यूनिवर्सिटी रोड
* परेड मैदान
* नैनी
* छिवकी
यह कॉरिडोर शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेगा।
पहले इस मेट्रो प्रोजेक्ट का दायरा 44 किलोमीटर तय किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर करीब 60 किलोमीटर तक ले जाने की योजना है। एयरपोर्ट और रोप-वे कनेक्टिविटी को शामिल करने के बाद 16 किमी अतिरिक्त रूट जोड़ा गया। 6 नए स्टेशन भी बढ़ाए गए
हैं।
मेट्रो परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। किसानों को चार गुना तक मुआवजा देने की योजना है। स्टेशन और ट्रैक के लिए पहले ही स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। प्रयागराज में प्रस्तावित सिस्टम लाइट मेट्रो होगा, जो पारंपरिक मेट्रो से थोड़ा अलग होता है। इसमें 3 कोच वाली ट्रेन, 200-300 यात्रियों की क्षमता, जमीन के समानांतर ट्रैक तथा लागत और निर्माण समय कम लगता है। छोटे और मध्यम शहरों के लिए यह मॉडल ज्यादा किफायती और प्रभावी माना जाता है।