उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कासगंज जिले में लहरा रोड पर वाहन खड़ी करने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष (bloody conflict) में बदल गया। जिसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, उत्तर प्रदेश की इस भिड़ंत के बारे में हम आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं। UP News
बता दे कि जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कासगंज जिले में गुरुवार शाम को विवाद की शुरुआत दुकान के आगे वाहन खड़ा करने को लेकर हुई। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज हुई, जिसके बाद देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों समुदायों के बीच झगड़ा और फायरिंग के दृश्य साफ नजर आ रहे हैं।
बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कासगंज जिले में फायरिंग में घायल लोगों को तत्काल सोरों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से एक गंभीर युवक को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि मामले में समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से एक लाइसेंसी 315 बोर रायफल और एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई है।
बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कासगंज जिले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ थाना सोरों में लिखित तहरीर दी है। पुलिस वायरल वीडियो और घटनास्थल के सबूतों के आधार पर जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि घटना में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिए गए हैं और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। तनावपूर्ण माहौल के बावजूद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। जिसमें कासगंज में इस तरह की सामुदायिक हिंसा ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।