मिर्जापुर पुलिस ने ट्रक से 1204 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। करीब 6 करोड़ रुपये कीमत की खेप के साथ मध्य प्रदेश के दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार किए गए। पढ़े पूरी खबर।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 6 करोड़ रुपये कीमत का 1204 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने ट्रक में गांजा छिपाकर ले जा रहे दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई करने जा रहे थे। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को भी सीज कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में कोतवाली देहात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सघन वाहन चेकिंग शुरू की। इस दौरान पुलिस टीम ने ट्रक संख्या MP 09 HH 8908 को रोककर उसमें सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान ट्रक में छिपाकर रखा गया 1204 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश केवट उर्फ रमेश केवट पुत्र रामनाथ केवट, निवासी अल्हवा थाना हनुमना, जनपद मऊगंज और शाबिर उर्फ लालू पुत्र दोष मुहम्मद, निवासी डेरा पथरावा थाना मऊगंज, मध्य प्रदेश के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी से जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ कोतवाली देहात थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे ओडिशा से अवैध गांजा ट्रक में छिपाकर ला रहे थे। इस खेप को मिर्जापुर, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के अन्य जिलों में सप्लाई किया जाना था। हालांकि, सप्लाई से पहले ही पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने गांजा तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया है।
मिर्जापुर में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पूर्वांचल में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच के दौरान तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
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