उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर एक महिला को बदनाम करने और धमकाने का मामला सामने आया है। सहजी गांव की 23 वर्षीय महिला ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर एक महिला को बदनाम करने और धमकाने का मामला सामने आया है। सहजी गांव की 23 वर्षीय महिला ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महिला की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, उसका आरोप है कि आरोपी ने पहले दबाव और लालच देकर उससे संबंध बनाए। महिला का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन बाद में कुछ बड़े लोगों की मध्यस्थता से समझौता करा दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। UP News
शिकायत के मुताबिक, महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। महिला का दावा है कि उसकी सिम का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाई गई और उस आईडी के माध्यम से कथित तौर पर अश्लील फोटो, अभद्र संदेश तथा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जाने लगी। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार की अन्य लड़कियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। UP News
महिला ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 15 सितंबर 2026 की रात करीब 10 बजे आरोपी ने गांव के कई लोगों के मोबाइल फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी वाले संदेश भेजे। महिला का कहना है कि उसके पास कथित धमकियों की रिकॉर्डिंग मौजूद है। उसने पुलिस को बताया कि इस पूरी स्थिति के कारण वह मानसिक तनाव में है और उसे आशंका है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। UP News
महिला ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि लालगंज थाना पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए जाएं। उसने शिकायत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। मामले में कथित फर्जी सोशल मीडिया आईडी, मोबाइल फोन, सिम, संदेश, तस्वीरों और धमकी की रिकॉर्डिंग जैसे डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। UP News
मिर्जापुर में फर्जी सोशल मीडिया आईडी से जुड़े एक अलग मामले में मार्च 2026 में पुलिस की ओर से कहा गया था कि फेक आईडी के जरिए आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों की पहचान साइबर टीम कर रही है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि वह मामला इस शिकायत से अलग है। सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने की शिकायतों में डिजिटल साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा बन सकते हैं। इस मामले में भी पुलिस की जांच से ही आगे की तस्वीर साफ होगी। UP News
फिलहाल यह मामला महिला की ओर से पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना-पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपी का पक्ष और पुलिस की ओर से इस शिकायत पर की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को जांच से पहले अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लालगंज थाना पुलिस और साइबर टीम शिकायत में बताए गए डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने रखती है। UP News
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