आखिर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मड़िहान को ज्ञापन सौंपकर क्या मांग रखी है? क्या रेलवे अंडरपास बनने से उनकी वर्षों पुरानी परेशानी खत्म हो सकती है? लेकिन अब सवाल यह है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आगे क्या होगा?

UP News : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रास्ते की समस्या से परेशान ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। वर्षों से रेलवे पटरी के कारण आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मिनटों की दूरी तय करने के लिए उन्हें घंटों का चक्कर लगाना पड़ता है। बाजार से लेकर अस्पताल और स्कूल तक पहुंचने में हो रही इस परेशानी के स्थायी समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण अब आंदोलन की राह पर जाने की तैयारी में हैं। UP News
मामला जिले के राजगढ़ विकास खंड क्षेत्र के ग्राम रामपुर-38 का है। यहां रेलवे पटरी के कारण ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रेलवे लाइन के चलते उन्हें अपने जरूरी कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल ले जाने में पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। लंबे समय से रास्ते की परेशानी का सामना करने के बावजूद अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने अब प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है। UP News
गुरुवार को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मड़िहान को ज्ञापन सौंपकर रेलवे अंडरपास बनवाने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि अंडरपास का निर्माण होने से रेलवे पटरी के कारण बाधित हो रहा आवागमन सुचारु हो सकता है और लोगों को अनावश्यक लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए और समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 9 अक्टूबर 2026 से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। UP News
विज्ञापन