मुरादाबाद में बबली किन्नर को लेकर किन्नर समाज ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई आरोप लगाए। समाज ने प्रशासन से मेडिकल जांच, निष्पक्ष जांच और नशे की पुष्टि होने पर नशामुक्ति केंद्र भेजने की मांग की।

UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद (Moradabad) जिले के इंदिरा चौक स्थित हाजी बिशरत किन्नर के आवास पर रविवार को किन्नर समाज की ओर से प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान करुला गली नंबर-4 निवासी बबली किन्नर उर्फ मीरा को लेकर समाज के लोगों ने कई शिकायतें और आरोप मीडिया के सामने रखे। किन्नर समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि बबली किन्नर की कथित गतिविधियों से समाज की छवि प्रभावित हो रही है। प्रेस कांफ्रेंस में जाति और धर्म से जुड़े विवादित व्यवहार का भी आरोप लगाया गया। इसके अलावा समाज के कुछ लोगों ने नशे की हालत में गाली-गलौज और आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने की शिकायत भी सामने रखी। UP News:
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कुछ वीडियो भी मीडिया के सामने दिखाए गए। समाज के लोगों ने इन वीडियो को अपने आरोपों से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि, सामने रखे गए आरोपों और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
किन्नर समाज के लोगों ने प्रशासन से बबली किन्नर की मेडिकल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और यदि जांच में किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उपचार कराया जाना चाहिए। समाज के लोगों ने यह भी मांग रखी कि यदि जांच में नशे की लत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार नशामुक्ति केंद्र भेजकर उपचार की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई का आधार आरोप नहीं बल्कि जांच में सामने आने वाले तथ्य होने चाहिए। UP News:
प्रेस कांफ्रेंस में समाज से जुड़े कई लोगों ने अपनी बातें रखीं और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि किसी एक व्यक्ति के कथित आचरण का असर पूरे किन्नर समुदाय की छवि पर नहीं पड़ना चाहिए। किन्नर समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की सभी पहलुओं से जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए। फिलहाल लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। UP News:
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