रानियाढेर क्षेत्र में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव प्रभावित हुए हैं। लिंक मार्ग कटने से ग्रामीणों और किसानों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने स्थायी इंतजाम और फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की ग्राम पंचायत रानियाढेर क्षेत्र में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के कई गांव प्रभावित हुए हैं। नदी का पानी बढ़ने के कारण कई लिंक मार्ग प्रभावित होने से ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर नायब तहसीलदार सदर, लेखपाल समेत संबंधित राजस्व विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों और किसानों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कराने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों और किसान संगठनों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के बाद हर वर्ष कोसी नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। नदी में पानी बढ़ने के कारण आसपास के कई गांवों में जलभराव और आवागमन की समस्या पैदा हो जाती है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ किसानों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार पैदा होने वाली इस समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए प्रशासन और शासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। केवल जलस्तर बढ़ने के बाद अस्थायी व्यवस्थाएं करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
ग्रामीणों और किसान संगठनों ने जिला प्रशासन तथा शासन से कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक मुख्यमंत्री समेत संबंधित अधिकारियों तक भी समस्या की जानकारी पहुंचाई गई है। इसके बावजूद अब तक ऐसा स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे हर वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांवों और किसानों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। UP News :
कोसी नदी के बढ़ते पानी और जलभराव से जिन किसानों की फसलें प्रभावित या बर्बाद हुई हैं, उनके नुकसान का आकलन कराने की मांग भी ग्रामीणों ने उठाई है। किसानों का कहना है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करे। ग्रामीणों ने मांग की है कि सर्वे और नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार पात्र किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाए। इससे प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।
इस दौरान अविनाश कुमार चौहान, मंडल किसान यूनियन, जिला दसवीं राजपूत करणी सेवा, ग्राम प्रधान धनिया ठेठ अनुज कुमार बिट्टू, नरेंद्र कुमार, विशाल चौहान, सुन पाल जाटव, नरेश जाटव, मिथुन जाटव, अभिषेक और अरुण सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं कराने और भविष्य के लिए स्थायी समाधान की मांग की। UP News :
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