मुरादाबाद में बंदरों के आतंक से राहत दिलाने के लिए नगर निगम का रेस्क्यू अभियान जारी है। अब तक आबादी वाले इलाकों से करीब 300 बंदर पकड़े गए हैं।

मुरादाबाद शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। आबादी वाले इलाकों में बंदरों को पकड़ने के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है। टीम अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर बंदरों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर रही है। नगर निगम के अनुसार, अब तक आबादी वाले इलाकों से करीब 300 बंदरों को पकड़ा जा चुका है। शहर में बंदरों के हमलों की लगातार शिकायतें मिलने और कई लोगों के घायल होने के बाद नगर निगम ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अभियान तेज किया है।UP News
बंदरों के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम की विशेषज्ञ टीम पहुंचकर रेस्क्यू कर रही है। टीम बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए आवश्यक सावधानियां बरत रही है।
नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य आबादी वाले इलाकों में बंदरों की मौजूदगी को कम करना और लोगों को उनके हमलों से राहत दिलाना है।UP News
नगर निगम के मुताबिक, अभियान के तहत अब तक करीब 300 बंदरों का रेस्क्यू किया जा चुका है। शहर के अलग-अलग इलाकों से बंदरों को पकड़ने का सिलसिला लगातार जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, जिन क्षेत्रों से बंदरों के आतंक की अधिक शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर टीम भेजी जा रही है।
शहर में बंदरों के हमले और उत्पात को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बंदरों के हमले में कई लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद नगर निगम ने रेस्क्यू अभियान को तेज किया। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि बंदर दिखाई देने पर उनके साथ छेड़छाड़ न करें और उन्हें उकसाने से बचें। यदि किसी इलाके में बंदरों का आतंक अधिक है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में जरूरत के अनुसार अन्य प्रभावित इलाकों में भी रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। लोगों को बंदरों के आतंक से राहत मिलने तक अभियान जारी रहेगा। UP News
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