उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश के बीच एक गरीब परिवार पर आफत टूट पड़ी। मुंढापांडे ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिल्क भोजपुर आशा गांव में बारिश के चलते एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश के बीच एक गरीब परिवार पर आफत टूट पड़ी। मुंढापांडे ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मिल्क भोजपुर आशा गांव में बारिश के चलते एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार के लोग मकान के अंदर सो रहे थे। छत गिरने से छह मासूम बच्चे मलबे में दबकर घायल हो गए।
छत गिरते ही मकान के अंदर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों को उचित उपचार नहीं मिला। परिवार के मुताबिक बच्चों को मामूली दवाएं देकर घर भेज दिया गया। हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।UP News:
पीड़ित मित्रपाल ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं और लंबे समय से कच्चे मकान में बच्चों के साथ रह रहे हैं। लगातार बारिश के कारण मकान की हालत पहले से खराब थी। रविवार को अचानक छत भरभराकर गिर गई। हादसे में मकान के अंदर रखा जरूरी सामान, खाद्य सामग्री और अन्य घरेलू सामान भी मलबे में दबकर खराब हो गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन छह बच्चों के घायल होने से परिवार में दहशत का माहौल है।UP News:
मित्रपाल ने शासन-प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान नहीं मिल सका है। परिवार ने प्रशासन से पक्का आवास उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित छत मिल सके। UP News:
पीड़ित परिवार ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की भी मांग की है। परिवार की मांग है कि प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर मकान और नुकसान का निरीक्षण करे तथा तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षित आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है। परिवार का कहना है कि बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त मकान में रहना बेहद जोखिम भरा है। ऐसे में प्रशासन जल्द मौके का निरीक्षण कर राहत उपलब्ध कराए। UP News:
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