बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में 2024 में हुई 58 वर्षीय रामबेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या उसके बेटे महिंद्र ने ही की थी।

मां की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, बेटे ने ही गला दबाकर उतारा था मौत के घाट
UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में करीब दो साल पुराने 58 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। भमोरा थाना क्षेत्र के खुद्डा गांव में 7 अगस्त 2024 को हुई रामबेटी की हत्या के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना बेटा महिंद्र निकला। पुलिस के अनुसार, जमीन और पारिवारिक रंजिश के चलते महिंद्र ने अपनी मां की गला दबाकर हत्या की और इसके बाद अपने ही चचेरे भाइयों को फंसाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय महिंद्र ने अपनी मां की मौत के बाद नत्थू सिंह, सर्वेश, सुरेंद्र, वीरेंद्र, छोटलाल और वीरेश बाबा समेत अपने चचेरे भाइयों को हत्या का आरोपी बनाया था। आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाने की नीयत से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को नामजद रिश्तेदारों की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली। जांच के दौरान सभी नामजद लोगों को दिल्ली ले जाकर पॉलीग्राफ टेस्ट कराया गया। पुलिस के अनुसार, टेस्ट में हत्या में उनकी संलिप्तता के ठोस संकेत नहीं मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी साउथ अंशिका वर्मा की निगरानी में एसआईटी गठित की गई। टीम ने मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। स्टेट मेडिको-लीगल सेल की मदद से विसरा और मेडिकल रिपोर्ट का भी अध्ययन किया गया। जांच के दौरान फूड डाइजेशन रिपोर्ट से महिला की मौत के समय को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, रामबेटी की मौत खाना खाने के करीब दो से चार घंटे के भीतर हुई थी। इस जानकारी ने पुलिस को घटना के समय और उस दौरान मौजूद लोगों की भूमिका को नए सिरे से समझने में मदद की। UP News:
मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने महिंद्र से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने अपनी मां की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, जमीन और पारिवारिक रंजिश के चलते महिंद्र ने अपनी मां की हत्या की और वारदात के बाद चचेरे भाइयों को फंसाने की साजिश रची। पुलिस ने आरोपी महिंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस की जांच के दौरान सामने आए वैज्ञानिक साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है। UP News:
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