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कानपुर महिला थाने की महिला पुलिसकर्मियों की प्रेरक कहानी सामने आई है, जहां वे छोटे बच्चों की परवरिश के साथ-साथ वर्दी का फर्ज भी निभा रही हैं। मां की ममता और कर्तव्यनिष्ठा का अनोखा संगम देखने को मिला।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर में महिला थाने की ये सिपाहियां छोटे बच्चों के साथ ड्यूटी निभाकर बन गईं मिसाल। मदर्स डे के अवसर पर महिला सिपाहियों के इन जज्बों को सलाम है। कहते हैं कि मां की ममता दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होती है। लेकिन जब यही मां वर्दी पहनकर समाज की सुरक्षा का जिम्मा भी उठाए, तो उसका संघर्ष और समर्पण कई गुना बढ़ जाता है। मदर्स डे 2026 के मौके पर कानपुर से ऐसी ही प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां महिला पुलिसकर्मी मातृत्व और कर्तव्य दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ बखूबी निभा रही हैं। UP News
मां की ममता और पुलिस सेवा की कठोर जिम्मेदारी का अनोखा मेल
कानपुर के महिला थाने में रोजाना ऐसा दृश्य देखने को मिलता है, जो मां की ममता और पुलिस सेवा की कठोर जिम्मेदारी का अनोखा मेल प्रस्तुत करता है। यहां कई महिला सिपाहियों के छोटे-छोटे बच्चे हैं। घर पर देखभाल करने वाला कोई न होने के कारण वे अपने बच्चों को साथ लेकर थाने पहुंचती हैं और ड्यूटी संभालती हैं। ड्यूटी के दौरान जब बच्चा रोता है तो ये मां पहले उसे गोद में लेकर चुप कराती हैं और फिर वापस अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट जाती हैं। यह दृश्य हर किसी के लिए भावुक कर देने वाला होता है।
जुड़वा बच्चों के साथ ड्यूटी करती हैं नेहा
महिला पुलिसकर्मी नेहा के जुड़वा छोटे बच्चे हैं। उनका कहना है कि परिस्थितियों ने उन्हें मजबूर किया कि वे बच्चों को साथ लेकर ड्यूटी करें। बावजूद इसके, वे पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। महिला सिपाही दीक्षा का कहना है कि थाने के वरिष्ठ अधिकारी और साथी कर्मचारी लगातार सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की देखभाल और ड्यूटी दोनों में संतुलन बना रहता है। वहीं आरती और आराधना जैसी महिला पुलिसकर्मी भी अपने छोटे बच्चों के साथ ड्यूटी करती हैं और मां होने के साथ-साथ एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका भी निभा रही हैं। UP News
विभागीय सहयोग और संवेदनशील व्यवस्था
एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की स्थिति को देखते हुए विभाग उनकी ड्यूटी और छुट्टियों में विशेष लचीलापन देता है। उन्होंने कहा कि मां ही वह शक्ति है जो परिवार और कर्तव्य दोनों को समान रूप से संभाल सकती है। कानपुर महिला थाने की ये कहानी सिर्फ पुलिसिंग की नहीं, बल्कि उस भारतीय नारी की है जो हर भूमिका में खुद को साबित कर रही है-एक मां, एक सिपाही और एक प्रेरणा। UP News
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