उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट : बारिश और ठंड का असर अगले 48 घंटे तक

हालाँकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट नहीं होने का अनुमान है, पूर्वी हिस्सों और कुछ जिलों में हल्की बारिश या रिमझिम बूंदाबांदी संभव है। इस बारिश के कारण मौसम और ठंडा महसूस हो सकता है तथा हवा में नमी बढ़ सकती है।

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कोहरे और ठंड का मौसम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Jan 2026 06:33 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए रेड और येलो अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर पश्चिमी और पूर्वी क्षेत्रों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे अगले 48 घंटों के दौरान बारिश और ठंड दोनों बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग ने 8 जिलों में कोल्ड डे चेतावनी दी है, यानी दिन में भी मौसम ठंड जैसा रहने का अनुमान है। इसके अलावा लगभग 20 जिलों में घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी भी जारी है, जिससे सामान्य गतिविधियों में परेशानी हो सकती है। 

भारी बारिश की संभावना

हालाँकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट नहीं होने का अनुमान है, पूर्वी हिस्सों और कुछ जिलों में हल्की बारिश या रिमझिम बूंदाबांदी संभव है। इस बारिश के कारण मौसम और ठंडा महसूस हो सकता है तथा हवा में नमी बढ़ सकती है। 

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान पहले से ही सामान्य से 2-3 डिग्री कम है और अगले 48 घंटों में इसमें एक डिग्री तक और गिरावट आ सकती है। इससे खासकर सुबह-शाम के समय ठंड और अधिक महसूस होगी। 

कोहरे की समस्या

धुंध या कोहरा कुछ इलाकों में बेहद घना रहने की संभावना है, खासकर सुबह के समय। इससे दृष्टि बाधित हो सकती है और यात्रियों एवं राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ये मौसम बदलाव खासकर इन हिस्सों में अधिक प्रभावी हो सकते हैं। पश्चिमी यूपी के जिलों में ठंड का असर और कोहरे की संभावना है। पूर्वी एवं तराई क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। तापमान का गिरना और सुबह-शाम में ज्यादा सर्दी महसूस होना अभी जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए रेड और येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश-ठंड दोनों के संकेत हैं। तापमान में गिरावट के साथ दिन में ठंड जैसा वातावरण बना रहेगा, वहीं कोहरा कुछ इलाकों में दृश्यता को प्रभावित कर सकता है।

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संभल में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण ध्वस्त, पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई

बुलडोजर की कार्रवाई लगभग एक घंटे तक चली। इस दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा रही, जो इस कार्रवाई को देखने आई थी। हालांकि, प्रशासन के आने से पहले रविवार को अधिकांश लोग अपने-आप अवैध निर्माण हटा चुके थे, क्योंकि उन्हें बुलडोजर का डर था।

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अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Jan 2026 05:50 PM
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UP News : संभल जिले के सिरसी इलाके में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने अवैध मकानों और दुकानों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार बबलू कुमार की निगरानी में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। सोमवार को दोपहर 12:15 बजे बुलडोजर ने मोहल्ला शर्की के कर्बला रोड पर कार्रवाई शुरू की। पहले तीन मकानों के आगे वाले हिस्सों को तोड़ा गया, उसके बाद एक दुकान को ध्वस्त किया गया। बुलडोजर की कार्रवाई लगभग एक घंटे तक चली। इस दौरान इलाके में लोगों की भीड़ जमा रही, जो इस कार्रवाई को देखने आई थी। हालांकि, प्रशासन के आने से पहले रविवार को अधिकांश लोग अपने-आप अवैध निर्माण हटा चुके थे, क्योंकि उन्हें बुलडोजर का डर था।

भूमि और कानूनी पृष्ठभूमि

ध्वस्त किए गए मकान और दुकान सरकारी जमीन पर बने थे। यह भूमि गाटा संख्या 1608, ग्राम समाज और खाद के गड्ढों की थी। पहले तहसीलदार न्यायालय ने धारा 67 के तहत कार्रवाई की थी, जिसमें न्यायालय ने अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया। इसके बाद अवैध निर्माण करने वाले लोग जिलाधिकारी के पास अपील करने गए, लेकिन उनकी अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर के जरिए बेदखली की कार्रवाई पूरी की। कुल पांच लोगों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई हुई, जबकि तीन मामलों की सुनवाई अभी हाईकोर्ट में लंबित है।

पड़ोसी प्रभावित

ध्वस्त किए गए निर्माण के मलबे से मोहल्ला शर्की में इरफान अहमद के मकान के गेट पर गिरावट हुई। मलबे के कारण गेट के शीशे टूट गए, जिससे इरफान ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण रोकने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक कदम था। हालांकि लोगों ने पहले से ही निर्माण हटाना शुरू कर दिया था, लेकिन कार्रवाई के दौरान भीड़ का जमावड़ा दिखा। कई लोग प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन कर रहे थे, जबकि कुछ ने अवैध निर्माण हटाए जाने पर आपत्ति जताई।

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सीएम योगी ने जन-शिकायतों और परियोजनाओं पर किया फोकस

सीएम ने बताया कि यह मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किए गए प्रशासनिक सुधारों का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप है। उनका कहना था कि इंटेंट, टेक्नोलॉजी और जवाबदेही के मेल से परिणाम अपने आप सुनिश्चित होते हैं।

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सीएम योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar13 Jan 2026 05:02 PM
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UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में कहा कि प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) पोर्टल सिर्फ बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की निगरानी का मंच नहीं है, बल्कि यह नई कार्यसंस्कृति और आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण का उदाहरण है। सीएम ने बताया कि यह मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किए गए प्रशासनिक सुधारों का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप है। उनका कहना था कि इंटेंट, टेक्नोलॉजी और जवाबदेही के मेल से परिणाम अपने आप सुनिश्चित होते हैं।

डिजिटल गवर्नेंस और विभागीय समन्वय को मजबूत करता प्रगति

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल अंतर-मंत्रालयीय और अंतर-विभागीय समन्वय को सक्षम बनाता है। इसके जरिए जटिल समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हुआ है। प्रगति का प्रारंभिक रूप वर्ष 2003 में गुजरात में 'स्वागत' के रूप में हुआ था। इसका उद्देश्य नागरिक शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। राष्ट्रीय स्तर पर विकसित प्रगति मॉडल ने अब मेगा प्रोजेक्ट्स, सामाजिक योजनाओं और सिस्टम रिफॉर्म्स में टीम इंडिया अप्रोच को मजबूत किया है।

शासन में बदलाव : फाइल-आधारित से फील्ड-आधारित

सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रगति केवल समीक्षा का यंत्र नहीं है, बल्कि शासन सुधार का माध्यम है। निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाना, समय और लागत की बचत करना और केंद्र और राज्य के बीच स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करना है। प्रगति ने इन क्षेत्रों में असर दिखाया है। राष्ट्रीय स्तर पर 86 लाख करोड़ से अधिक परियोजनाओं में प्रगति ने गति लाई है। प्रधानमंत्री द्वारा 377 प्रमुख परियोजनाओं की प्रत्यक्ष समीक्षा की जाती है, जबकि 3162 में से 2958 मुद्दे हल हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में प्रगति मॉडल का असर : गेम-चेंजर

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रगति राज्य के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। मेट्रो और एयर कनेक्टिविटी, रैपिड रेल, जलमार्ग और रोपवे प्रोजेक्ट सभी परियोजनाओं में समयबद्ध समीक्षा और समस्या-समाधान का लाभ मिला है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 10.48 लाख करोड़ की 330 परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें परिवहन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, औद्योगिक और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। 2.37 लाख करोड़ की 128 परियोजनाएं पहले ही पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि बाकी 8.11 लाख करोड़ की 202 परियोजनाएं समयबद्ध प्रगति पर हैं।

तकनीक के बल पर बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट

सीएम ने बताया कि प्रगति जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की वजह से उत्तर प्रदेश अब केवल फैसिलिटेटर नहीं, बल्कि परियोजनाओं को गति देने वाला एक्सेलेरेटर बन गया है। टीम इंडिया स्पिरिट मजबूत हुआ व केंद्र और राज्य के बीच सहयोग बढ़ा और परियोजनाओं पर चर्चा अब समाधान केंद्रित है। 2014 से पहले परियोजनाएं स्वीकृत तो होती थीं लेकिन पूरी नहीं हो पाती थीं। अब हर परियोजना के शिलान्यास के साथ समय-सीमा और नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाती है।

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