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प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सामने आए बहुचर्चित शेखर हत्याकांड में अदालत ने 7 साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में एक मां और उसके तीन बेटों को हत्या का दोषी ठहराया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सामने आए बहुचर्चित शेखर हत्याकांड में अदालत ने 7 साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले में एक मां और उसके तीन बेटों को हत्या का दोषी ठहराया गया है। यह घटना 17 सितंबर 2019 की है, जब शेखर नाम का युवक अपने 70 हजार रुपये वापस लेने के लिए आरोपियों के घर पहुंचा था। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि आरोपी महिला और उसके तीनों बेटों ने मिलकर शेखर पर ईंटों और डंडों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। UP News
मामले की सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी पाया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मुजफ्फरनगर का यह मामला यह दिखाता है कि छोटे से विवाद भी कितना बड़ा रूप ले सकते हैं। अदालत का यह फैसला समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करता है। UP News
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दोषियों से वसूली गई जुर्माने की पूरी राशि मृतक की मां को दी जाएगी। इसे पीड़ित परिवार के लिए एक राहत के तौर पर देखा जा रहा है। घटना के बाद मृतक की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पर्याप्त सबूत जुटाए गए और कोर्ट में पेश किए गए। करीब 7 साल तक चले इस केस के बाद आखिरकार अदालत ने सख्त फैसला सुनाया, जिसे न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। UP News
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