मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग ने कथित फर्जी अस्पतालों के खिलाफ छापेमारी कर 4 अस्पताल सील किए। टीम के पहुंचते ही कई संचालक शटर बंद कर मौके से चले गए।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कथित फर्जी अस्पतालों और झोलाछापों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर ACMO डॉ. महक सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार अस्पतालों को मौके पर ही सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के अचानक पहुंचते ही अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कुछ संचालक टीम को देखकर अपने अस्पतालों के शटर बंद कर मौके से निकल गए। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद बिना निर्धारित मानकों के संचालित किए जा रहे अस्पतालों और क्लीनिकों के संचालकों में खलबली मची हुई है।
मुजफ्फरनगर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कथित तौर पर बिना निर्धारित मानकों के अस्पताल और क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायतें स्वास्थ्य विभाग को मिलती रही हैं। इन शिकायतों के बाद विभाग ने जांच और कार्रवाई का अभियान शुरू किया। इसी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर अस्पतालों की जांच की। जांच के दौरान चार अस्पतालों के संचालन में नियमों और मानकों से जुड़ी खामियां पाए जाने के बाद उन्हें सील करने की कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के छापे की खबर मिलते ही कुछ अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। टीम के पहुंचने से पहले या उसके पहुंचते ही कई संचालकों द्वारा शटर बंद कर मौके से चले जाने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से उन लोगों में भी चिंता बढ़ गई है, जो कथित तौर पर बिना आवश्यक मानकों के अस्पताल या क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। विभाग का अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।
जिले में कथित झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध तरीके से संचालित अस्पतालों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों का आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में ऐसे अस्पताल और क्लीनिक लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। इसी के साथ सीएचसी और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सील किए गए अस्पतालों की आगे किस तरह निगरानी की जाएगी। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आते रहे हैं कि कुछ सील किए गए अस्पताल कुछ समय बाद कथित तौर पर दोबारा खुल जाते हैं। ऐसे में चार अस्पतालों को सील किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण होगा कि बिना अनुमति या मानकों को पूरा किए इनका दोबारा संचालन न हो। मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से फिलहाल कथित फर्जी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि विभाग आने वाले दिनों में ऐसे अस्पतालों और झोलाछापों के खिलाफ कितनी सख्ती से अभियान जारी रखता है। UP News :
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