बुधना पुलिस ने मेरठ-करनाल हाईवे के पास से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 5.26 लाख रुपये के जाली नोट और प्रिंटिंग उपकरण बरामद हुए हैं।

UP News : वेब सीरीज 'फर्जी' देखने के बाद जाली नोट छापने की प्रेरणा मिली और फिर यूट्यूब ट्यूटोरियल की मदद से इसे सीखा। इस तरह एक युवक ने दिल्ली के नरेला स्थित अपने फ्लैट में नकली नोटों का कारोबार शुरू किया, जिसे मुजफ्फरनगर पुलिस ने पकड़ लिया है। मुजफ्फरनगर के बुधना में पुलिस ने जाली मुद्रा चलाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मेरठ-करनाल हाईवे पर वाजिद होटल के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद की गई। एसएसपी सूरज कुमार राय ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की। UP News
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पुलिस की यह कार्रवाई बुधना इंस्पेक्टर सुभाष अत्री के नेतृत्व में एक टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में इस गिरोह का कथित मास्टरमाइंड शुभम शामिल है, जो मूल रूप से बागपत के खेकरा स्थित संकरौद का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के नरेला में रह रहा था। उनके साथ महेंद्र, जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के सतपुली स्थित कानोथा का निवासी है, और दौलतपुर निवासी टीनू को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और आपूर्ति श्रृंखला की पूरी सीमा की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच कर रही है। UP News
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पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 5,26,500 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं, जो सभी 500 रुपये के मूल्यवर्ग के थे। शुभम के नरेला स्थित फ्लैट और संदिग्धों से तलाशी के दौरान निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई है:
पूछताछ के दौरान शुभम ने बताया कि वह नरेला स्थित अपने आवास पर ही नोट छापता था। गिरोह की योजना इन जाली नोटों को विभिन्न शहरों में कम कीमत पर वितरित करने की थी। जिस दिन उन्हें गिरफ्तार किया गया, वे विशेष रूप से बुधना क्षेत्र को निशाना बना रहे थे। UP News
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