मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में भाकियू की रात्रि किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ने गन्ने के दाम, एमएसपी, किसानों की जमीन, बिजली, फसल खरीद और भारत-अमेरिका ट्रेड डील जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

UP News : पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती एक बार फिर किसान आंदोलन की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनी। मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) मैदान में भारतीय किसान यूनियन की ओर से आयोजित विशाल रात्रि किसान महापंचायत में देर रात तक किसानों की आवाज गूंजती रही। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए गन्ने के लाभकारी मूल्य, एमएसपी, किसानों की जमीन, बिजली, फसल खरीद और भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील समेत कई मुद्दे उठाए। खास बात यह रही कि यह सामान्य दिन की पंचायत नहीं थी। मुजफ्फरनगर में पहली बार रात के समय इस तरह की बड़ी किसान महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें आधी रात के बाद भी किसान और मातृशक्ति मैदान में मौजूद रहे। तैयारियों के दौरान भाकियू की ओर से बताया गया था कि गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम को रात में रखने का निर्णय लिया गया है। UP News

जीआईसी मैदान में आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे। ढोल-नगाड़ों और ट्रैक्टरों के साथ किसानों के पहुंचने से शहर में भी इसका असर दिखाई दिया और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। भाकियू के गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि दिन हो या रात, किसान अपने अधिकारों और हकों के लिए संघर्ष करना जानता है। उन्होंने कहा कि रात्रि महापंचायत के माध्यम से भारतीय किसान यूनियन ने अपनी संगठनात्मक ताकत का एहसास कराया है। अशोक भाटी के मुताबिक, दिन हो या रात, संघर्ष के साथ भाकियू रचेगी नया इतिहास। UP News
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई समझौता लागू होता है तो उसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। टिकैत ने किसानों की जमीन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि जमीन बचेगी, तभी किसान बचेगा और किसान बचेगा तभी देश बचेगा।
महापंचायत से पहले भी टिकैत भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हित में नहीं होने की बात कह चुके थे। UP News
महापंचायत में किसानों की फसलों के लाभकारी मूल्य और प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था की मांग प्रमुख रही। रिपोर्टों के अनुसार गन्ने के मूल्य, एमएसपी, बिजली, खाद, कृषि ऋण, आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान, बाढ़ और किसानों पर दर्ज मुकदमों सहित कई मुद्दे उठाए गए। राकेश टिकैत पहले ही गन्ने का मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ने का मूल्य घोषित किया जाना चाहिए। राकेश टिकैत ने महापंचायत में युवाओं से शराब, गुटखा, नशे और दूसरी गलत आदतों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने युवाओं को देश और खेती के भविष्य से जोड़ते हुए अनुशासन तथा सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। UP News
महापंचायत के दौरान भाकियू मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह तथा एसपी सिटी अमृत जैन को किसानों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान संगठनों और प्रशासन के बीच किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात रखी गई। महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और मातृशक्ति देर रात तक मौजूद रहे। UP News
महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मेनपाल सिंह चौहान, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह, मेरठ जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, राष्ट्रीय सचिव ओमपाल मलिक सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा धीरज लाठियान, कपिल खटियान, दानवीर सिंह, शांता प्रधान, अतुल त्रिपाठी, बलराम सिंह, विपिन प्रधान, सचिन अवाना, सिंहराज गुर्जर और सुंदर गुर्जर सहित राष्ट्रीय, प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान महापंचायत में शामिल हुए। UP News
मुजफ्फरनगर लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। इस बार जीआईसी मैदान में रात के समय आयोजित महापंचायत ने आयोजन के स्वरूप को भी अलग बना दिया। भाकियू की ओर से पहले ही संकेत दिया गया था कि इस तरह की रात्रि महापंचायत का प्रयोग आगे दूसरे जिलों में भी दोहराया जा सकता है। महापंचायत में उठाए गए मुद्दों और राकेश टिकैत के संबोधन से साफ है कि आने वाले समय में गन्ना मूल्य, एमएसपी, किसानों की जमीन, बिजली, फसल खरीद और प्रस्तावित ट्रेड डील जैसे विषय किसान संगठनों की गतिविधियों में प्रमुख बने रह सकते हैं। मुजफ्फरनगर की यह रात केवल एक महापंचायत नहीं रही, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर संगठनात्मक शक्ति के एक बड़े प्रदर्शन के रूप में सामने आई। UP News
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