
Nagar Nikay Chunav 2023: उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए राज्य की योगी सरकार द्वारा पांच सदस्यीय ओबीसी आयोग का गठन कर दिया गया है। यह आयोग छह माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। आयोग के गठन होने के बाद अब नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने में समय लग सकता है।
बुधवार की शाम उत्तर प्रदेश के नगर विकास अनुभाग की ओर से एक शासनादेश जारी किया गया है। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की ओर से जारी आदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग गठित करने की बात कही गई है। फिलहाल यह आयोग छह माह के लिए गठित किया गया है। छह माह की अवधि में आयोग के सदस्य नगर निका चुनाव में ओबीसी आरक्षण देने संबंधी अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेंगे। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य
राम अवतार सिंह, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) - अध्यक्ष
चोब सिंह वर्मा, सेवानिवृत्त आई.ए.एस. - सदस्य
महेन्द्र कुमार, सेवानिवृत्त आई.ए.एस. - सदस्य
संतोष कुमार विश्वकर्मा, भूतपूर्व अपर विधि परामर्शी - सदस्य
बृजेश कुमार सोनी, पूर्व अपर विधि परामर्शी एवं अ. जिला जज - सदस्य
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आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों के मानदेय, भत्तों एवं अन्य सुविधाओं के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
आपको बता दें कि कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार की नगर निकाय चुनाव संबंधी मसौदा अधिसूचना को रद्द करते हुए राज्य में नगर निकाय चुनाव बिना ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के कराने का आदेश दिया था। इसके साथ ही पीठ ने राज्य सरकार एवं राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया कि पिछड़ा वर्ग की सीटों को सामान्य श्रेणी की सीटें मानते हुए स्थानीय निकाय चुनाव को 31 जनवरी, 2023 तक संपन्न करा लिया जाए।
आपको बता दें कि राज्य सरकार ने इस महीने की शुरुआत में त्रिस्तरीय नगर निकाय चुनाव में 17 नगर निगमों के महापौरों, 200 नगर पालिका परिषदों के अध्यक्षों और 545 नगर पंचायतों के लिए आरक्षित सीटों की अनंतिम सूची जारी करते हुए सात दिनों के भीतर सुझाव/आपत्तियां मांगी थी और कहा था कि सुझाव/आपत्तियां मिलने के दो दिन बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
राज्य सरकार ने पांच दिसंबर के अपने मसौदे में नगर निगमों की चार महापौर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित की थीं, जिसमें अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन ओबीसी महिलाओं के लिए और मेरठ एवं प्रयागराज ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। 200 नगर पालिका परिषदों में अध्यक्ष पद पर पिछड़ा वर्ग के लिए कुल 54 सीट आरक्षित की गई थीं जिसमें पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए 18 सीट आरक्षित थीं। राज्य की 545 नगर पंचायतों में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गईं 147 सीट में इस वर्ग की महिलाओं के लिए अध्यक्ष की 49 सीट आरक्षित की गई थीं।