बाराबंकी के रामनगर की ग्राम पंचायत लालपुर करौता में नाले पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू। डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानदारों को नोटिस, 2 दिन में दुकान-ठेले हटाने के निर्देश।

UP News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत लालपुर करौता में नाले पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ पंचायत प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जल निकासी बाधित होने और नाले में कचरा डाले जाने की शिकायतों के बाद ग्राम पंचायत की ओर से डेढ़ दर्जन से अधिक दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को लिखित नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जरिए संबंधित लोगों को दो दिनों के भीतर नाले के ऊपर और आसपास से दुकानें व ठेले हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत प्रशासन के अनुसार गांव में बने मुख्य जल निकासी नाले के ऊपर और उसके आसपास कई लोगों ने दुकानें और ठेले लगा रखे हैं। आरोप है कि कुछ दुकानों से निकलने वाला कचरा नाले में डाले जाने के कारण जल निकासी का रास्ता प्रभावित हो रहा है। नाले में अवरोध और कचरा जमा होने से आसपास गंदगी फैलने के साथ ही जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका है। इसी को देखते हुए पंचायत प्रशासन ने सार्वजनिक जल निकासी व्यवस्था और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
ग्राम पंचायत की ओर से जारी नोटिस में संबंधित दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को अपनी दुकानें और ठेले स्वयं हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पंचायत प्रशासन की ओर से नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित लोगों से समय सीमा के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाकर सहयोग करने की अपील की है। ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक नालियों और जल निकासी मार्ग में किसी भी प्रकार का अवरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण के कारण नाले की सफाई और पानी की निकासी प्रभावित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंचायत प्रशासन का कहना है कि गांव की जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।
ग्राम पंचायत अधिकारी विजय लक्ष्मी सिंह और प्रशासक अरमाना ने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों और नालियों पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने के उद्देश्य से संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पंचायत प्रशासन की ओर से शुरू की गई पहल का स्वागत किया है। UP News :
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