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इस परियोजना के लिए सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी पर काम शुरू किया जा रहा है। योजना पूरी होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव दौरे के दौरान लखनऊ और कानपुर के बीच नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद यह प्रदेश का दूसरा बड़ा रैपिड रेल प्रोजेक्ट होगा जिससे दो प्रमुख शहरों के बीच सफर पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। इस परियोजना के लिए सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी पर काम शुरू किया जा रहा है। योजना पूरी होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना आने-जाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उन्नाव खुद को लखनऊ और कानपुर के बीच उपेक्षित महसूस करता था लेकिन अब विकास की धारा केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि उन्नाव होते हुए कानपुर तक पहुंचेगी। सरकार लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन के विकास पर भी काम कर रही है। इस क्षेत्र में लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी और हरदोई समेत छह जिलों को शामिल किया गया है। ऐसे में रैपिड रेल परियोजना केवल परिवहन सुविधा नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास को नई दिशा देने वाली योजना मानी जा रही है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार नमो भारत रैपिड रेल कानपुर से शुरू होकर उन्नाव के रास्ते लखनऊ पहुंचेगी। इस कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन कानपुर का नयागंज क्षेत्र होगा जो शहर के प्रमुख कारोबारी इलाकों को जोड़ेगा। इसके बाद ट्रेन उन्नाव पहुंचेगी जिसे इस रूट का सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन माना जा रहा है। उन्नाव के बाद बशीरपुर और बशीरतपुरगंज जैसे क्षेत्रों को भी इस परियोजना से जोड़ा जाएगा ताकि ग्रामीण और बाहरी इलाकों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। रूट में नवाबगंज भी शामिल रहेगा जिससे आसपास के क्षेत्रों और नवाबगंज पक्षी विहार तक पहुंच आसान होगी। इसके बाद ट्रेन लखनऊ की सीमा में स्थित बंथरा पहुंचेगी जहां तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले चरण का अंतिम स्टेशन अमौसी होगा। यह स्टेशन लखनऊ एयरपोर्ट और मेट्रो नेटवर्क से जुड़ाव प्रदान करेगा जिससे यात्रियों को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
योजना के दूसरे चरण में इस कॉरिडोर को लखनऊ से आगे बाराबंकी और अयोध्या तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस विस्तार के तहत सुशांत गोल्फ सिटी, जुगपुर, बरैल, सफदरगंज और भिटरिया जैसे क्षेत्रों को जोड़ा जा सकता है। अंतिम स्टेशन अयोध्या प्रस्तावित है। यदि यह विस्तार लागू होता है तो धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा और भी आसान हो जाएगी।
लखनऊ और कानपुर के बीच हर दिन बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और अन्य यात्री सफर करते हैं। वर्तमान में सड़क मार्ग और पारंपरिक रेल सेवाओं पर काफी दबाव रहता है। नमो भारत रैपिड रेल शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा और लोगों को अधिक आरामदायक तथा तेज विकल्प मिलेगा। इससे क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर और उन्नाव के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए गंगा नदी पर नए पुलों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। सरकार ने दो अतिरिक्त पुलों के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। वर्तमान में जाजमऊ, शुक्लागंज और गंगा बैराज जैसे पुल दोनों शहरों को जोड़ते हैं। नए पुल बनने के बाद यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी।
लखनऊ-कानपुर नमो भारत कॉरिडोर को केवल एक परिवहन परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्र को आधुनिक कनेक्टिविटी प्रदान करने का माध्यम बनेगी। उन्नाव, लखनऊ और कानपुर के बीच बेहतर संपर्क से उद्योग, रोजगार, पर्यटन और शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। यदि प्रस्तावित योजना तय समय पर आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में से एक मिल सकता है।
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