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पार्टी से अलग होते समय नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संकेत दिए कि लंबे समय से वे संगठन की कार्यप्रणाली और फैसलों से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि कार्यकतार्ओं की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते यह निर्णय लेना पड़ा। समर्थकों ने भी उनके फैसले का समर्थन करते हुए कांग्रेस से नाता तोड़ लिया।

UP News : कांग्रेस पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संगठन से अलग होने का फैसला किया। उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों और समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ने की औपचारिक घोषणा की। उनके इस कदम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
पार्टी से अलग होते समय नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संकेत दिए कि लंबे समय से वे संगठन की कार्यप्रणाली और फैसलों से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि कार्यकतार्ओं की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते यह निर्णय लेना पड़ा। उनके समर्थकों ने भी उनके फैसले का समर्थन करते हुए कांग्रेस से नाता तोड़ लिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां उनका प्रभाव मजबूत माना जाता रहा है। हालांकि उन्होंने फिलहाल अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम को आगामी चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।