उत्तर प्रदेश में मिला नटवरलाल का बाप, बना बैठा था देश का फर्जी राजदूत
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
23 Jul 2025 08:19 PM
Uttar Pradesh Samachar: उत्तर प्रदेश एसटीएफ (नोएडा यूनिट) ने गाजियाबाद के कविनगर इलाके में एक फर्जी दूतावास का भंडाफोड़ कर देशभर में सनसनी फैला दी है। इस अवैध नेटवर्क का संचालन करने वाले आरोपी की पहचान हर्षवर्धन जैन के रूप में हुई है, जो खुद को उन देशों का ‘राजदूत’ बताता था जिनका अस्तित्व ही दुनिया के नक्शे पर नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मुहरें बरामद
एसटीएफ की छापेमारी के दौरान हर्षवर्धन की आलीशान कोठी से डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी चार लग्जरी गाड़ियां, 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, 44.70 लाख रुपये नकद, 18 डिप्लोमैटिक प्लेटें, कई विदेशी मुद्राएं, फर्जी पैन कार्ड, विदेश मंत्रालय की नकली मोहरें, और 34 कथित अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मुहरें बरामद की गई हैं।
नामी लोगों के साथ फोटो दिखाकर जमाता था रौब
हर्षवर्धन जैन खुद को West Arctica, Saborga, Paulvia और Lodonia जैसे माइक्रो-नेशन या काल्पनिक देशों का ‘राजदूत’ बताता था। उसने कविनगर में एक कोठी को ही फर्जी दूतावास का रूप दे रखा था और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान को वैध साबित करने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य विशिष्ट हस्तियों के साथ मॉर्फ की गई तस्वीरें पोस्ट करता था।
विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी
STF की जांच में सामने आया है कि हर्षवर्धन लोगों को विदेश में काम दिलाने के नाम पर झांसे में लेकर मोटी रकम वसूलता था। इसके साथ ही वह शेल कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट भी संचालित कर रहा था। एसटीएफ ने बताया कि उसका नेटवर्क देशभर में फैला हो सकता है और उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। हर्षवर्धन का नाम कोई नया नहीं है। वर्ष 2011 में उसके खिलाफ अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला कविनगर थाने में दर्ज किया गया था। इसके अलावा, कुख्यात चंद्रास्वामी और इंटरनेशनल आर्म्स डीलर अदनान खगोशी से भी उसके संपर्क की बात सामने आई है।
एसटीएफ के एसएसपी सुशील घुले ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना कविनगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों और ठगी तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें हवाला, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और संभावित जासूसी जैसी गंभीर धाराएं भी जुड़ सकती हैं। एसटीएफ पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।