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Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ में हुए अग्निकांड में फायर ब्रिग्रेड की इस लापरवाही को बहुत बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच गई होती तो विकराल रूप लेने से पहले ही आग को बुझाया जा सकता था।

Lucknow Fire Tragedy: दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ी आग की घटना होने के बावजूद फायर ब्रिगेड की ओर से भयंकर लापरवाही बरती गई। लखनऊ एक संवेदनशील शहर होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इतने संवेदनशील शहर में भयानक अग्निकांड होने के बाद फायर ब्रिगेड आधे घंटे की देरी से पहुंची।
लखनऊ अग्निकांड में फायर ब्रिगेड की इस लापरवाही को बहुत बड़ी चूक माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो आग विकराल रूप लेने से पहले ही काबू में कर ली जा सकती थी। समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो 15 छात्रों की इस दर्दनाक मौत को टाला जा सकता था।
उत्तर प्रदेश सरकार फायर ब्रिगेड की इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करेगी, यह तो समय बताएगा, लेकिन लखनऊ अग्निकांड में फायर ब्रिगेड की लापरवाही को लेकर जोरदार चर्चा शुरू हो गई है।
15 की मौत की पुष्टि
पीटीआई के मुताबिक, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया, “यहां 21-22 बच्चों को लाया गया था। इनमें से पांच घायल हैं, जिन्हें भर्ती कर लिया गया है। दो बच्चे जो छत से कूद गए थे, उनकी पीठ में चोटें आई हैं। उनका सीटी स्कैन किया गया है और इलाज चल रहा है। 15 बच्चों को मृत अवस्था में लाया गया था, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेजा जाएगा। इनमें से पांच को भेज दिया गया है और शेष 10 को भेजने की प्रक्रिया चल रही है।”
आग कहां लगी?
आग जिस इमारत में लगी, वह अलीगंज इलाके में स्थित है। इस इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहले तल्ले पर पेट शॉप तथा क्लीनिक हैं। दूसरे तल्ले पर ‘लर्निंग स्पेस’ नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ है, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है।
पीएम मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड पर दुख व्यक्त किया और मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई भीषण अग्निकांड में जान-माल की हानि से मैं बेहद व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की। Lucknow Fire Tragedy
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