प्रशांत कुमार को नहीं मिला सेवा विस्तार, नए DGP बने राजीव कृष्ण
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 01:25 AM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 01:25 AM
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। मौजूदा डीजी विजिलेंस के रूप में कार्यरत राजीव कृष्ण को प्रशांत कुमार के सेवा विस्तार न मिलने की स्थिति में कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है। यह लगातार पांचवीं बार है जब किसी अधिकारी को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया है।
राजीव कृष्ण की गिनती उत्तर प्रदेश पुलिस के तेज-तर्रार अधिकारियों में होती है और वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। यूपी की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक पुलिस भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक कराने की जिम्मेदारी भी उन्हीं को दी गई थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
1991 बैच के अधिकारी है राजीव कृष्ण:
राजीव कृष्ण 1991 बैच के एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 26 जून, 1969 को हुआ था। उन्होंने बीई (इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन) की शिक्षा प्राप्त की है। राजीव कृष्ण की पत्नी मीनाक्षी सिंह एक आईआरएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में लखनऊ में आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में राजीव कृष्ण डीजी विजिलेंस एवं पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
अब तक की तैनाती:
राजीव कृष्ण ने यूपी के कई जिलों में बतौर एसएसपी और डीआईजी काम किया है। इलाहाबाद, बरेली, कानपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, इटावा, मथुरा, बुलंदशहर, आगरा, लखनऊ जैसे प्रमुख जिलों में उन्होंने ज़िम्मेदारियां निभाई हैं। मेरठ रेंज के आईजी, लखनऊ और आगरा ज़ोन के एडीजी भी रह चुके हैं।
राजीव कृष्ण को मिले पुरस्कार और सम्मान:
राजीव कृष्ण को दो बार पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक भी प्राप्त हुआ है। राज्य स्तर पर भी उन्हें उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से नवाज़ा गया है, जो उनकी प्रतिबद्धता और साहस का प्रमाण हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि:
राजीव कृष्ण का परिवार दो पीढ़ियों से सिविल सेवा और राजनीति में सक्रिय रहा है। उनकी पत्नी मीनाक्षी सिंह आईआरएस अधिकारी हैं। उनके साले राजेश्वर सिंह पूर्व आईपीएस अधिकारी व वर्तमान में सरोजनीनगर सीट से विधायक हैं। उनके ससुर भी डीआईजी रहे हैं।
वर्तमान स्थिति:
हालांकि राज्य सरकार ने DGP चयन के लिए नई नियुक्ति नियमावली 2024 को मंज़ूरी दी है, लेकिन UPSC को प्रस्ताव न भेजे जाने के कारण फिलहाल स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में मार्च तक स्थायी डीजीपी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
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