LU कैंपस में नमाज को लेकर विरोध तेज, हनुमान चालीसा पाठ से गरमाया माहौल

छात्रों का कहना है कि जब लाल बारादरी के आसपास नमाज पढ़ी गई और इफ्तार का आयोजन हुआ, तब कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन चालीसा पाठ पर पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया।

लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ा तनाव
लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ा तनाव
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 02:16 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल लगातार तीसरे दिन भी तनावपूर्ण बना हुआ है। ऐतिहासिक लाल बारादरी के आसपास धार्मिक गतिविधियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो छात्र गुटों के आमने-सामने आने तक पहुंच गया है। मंगलवार को मुस्लिम छात्रों द्वारा नमाज पढ़ने और इफ्तार आयोजन के विरोध में दूसरे गुट के छात्र हनुमान चालीसा पाठ के लिए पहुंचे, जिसके बाद परिसर में हंगामा बढ़ गया।

चालीसा पाठ शुरू होते ही पुलिस ने रोका

सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम पहुंच गई। जैसे ही छात्रों ने हनुमान चालीसा पाठ शुरू किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि कई छात्रों को पकड़कर वाहनों में बैठाया गया। इसके बाद परिसर में नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हंगामा शुरू हो गया। छात्रों का कहना है कि जब लाल बारादरी के आसपास नमाज पढ़ी गई और इफ्तार का आयोजन हुआ, तब कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। लेकिन चालीसा पाठ पर पुलिस-प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया। छात्रों का यह भी दावा है कि पाठ से पहले उन्होंने एक पोस्टर जारी किया था, जिसमें कैंपस “शुद्धीकरण” जैसी बात लिखी थी जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया।

सोमवार को भी बिगड़ा था माहौल

इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ विश्वविद्यालय में माहौल तनावपूर्ण रहा। रविवार दोपहर से लाल बारादरी क्षेत्र में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और मुस्लिम समुदाय से जुड़े विद्यार्थियों के एक गुट ने नमाज पढ़ी और इफ्तार किया था। इसके बाद सोमवार को दूसरा गुट भी मैदान में उतर आया। छात्र नेता जतिन शुक्ला की अगुवाई में दर्जनों छात्र प्रदर्शन कर रहे समूह के करीब पहुंचे और “जय श्रीराम” व “जय भवानी” के नारे लगाए। इससे कैंपस में तनाव बढ़ गया। जतिन शुक्ला ने आरोप लगाया कि लाल बारादरी जैसी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुंचाया गया है और सड़क/परिसर में धार्मिक आयोजन करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर मांग की कि धरोहर को क्षति पहुंचाने के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस विवाद के बीच कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी भी मामले पर सामने आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की कि कैंपस को “नफरत की प्रयोगशाला” न बनने दिया जाए और संबंधित स्थान को छात्रों के लिए खोला जाए, ताकि पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।

विश्वविद्यालय परिसर बना छावनी

उत्तर प्रदेश की इस बड़ी शैक्षणिक संस्था में हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासनिक भवन से लेकर लाल बारादरी तक पुलिस की तैनाती और आवाजाही लगातार बनी रही। इसी बीच छात्रों ने लाल बारादरी से प्रशासनिक भवन तक मार्च करने की कोशिश भी की, जिसे पुलिस अधिकारियों ने समझाने और नियंत्रित करने का प्रयास किया। UP News

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यौन शोषण केस में बड़ा मोड़, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाईकोर्ट

यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 01:06 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा यौन उत्पीड़न/यौन शोषण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

जिला कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

मामले की शुरुआत उस समय हुई, जब तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) के तहत जिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद एडीजे (रेप एवं पॉक्सो) स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी है।एफआईआर दर्ज होने के बाद UP पुलिस की झूंसी टीम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ के लिए उनके वाराणसी स्थित मठ तक जा सकती है। वहीं, पुलिस नाबालिगों के कलमबंद बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है। पुलिस टीम ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

आरोप-प्रत्यारोप में केस ने पकड़ा नया मोड़

इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में मामले को लेकर सरकार और आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “हिस्ट्रीशीटर” बताए जाने का दावा किया। उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि शामली जिले के कांधला थाने से जुड़ा “हिस्ट्रीशीटर” वाला आरोप गलत है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ ऐसे दावे हैं तो थाने या अदालत का कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया जाए। आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी के इशारे पर उनके खिलाफ 21 मुकदमों की एक सूची तैयार कर “थाने की मोहर” लगाकर प्रसारित की गई, जिसे वह फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस कथित फर्जी सूची को लेकर उन्होंने संबंधित थाने में अलग से शिकायत/मुकदमा भी दर्ज कराया है। UP News

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बरेली में कानून के रखवाले पर हुआ हमला, मुकदमा दर्ज

पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 12:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्तिथ हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सेंथल कस्बे में एक वकील पर नमाज से जुड़े विवाद को लेकर हमला किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

नमाज विवाद बना वजह

पीड़ित के मुताबिक, रविवार शाम वह अपने घर पर बने चैंबर में बैठकर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक बड़ी भीड़ अचानक वहां पहुंची और गाली-गलौज करते हुए चैंबर में घुस गई। आरोप है कि इसके बाद उन्हें घेरकर पीटा गया। वकील का कहना है कि हमले की वजह नमाज़ से जुड़ा वही विवाद था, जिसमें उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज़ पढ़ने से मना कर दिया था। अख्तर अली ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने उनका गला दबाने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया, तब कहीं जाकर वह बच पाए। पीड़ित का दावा है कि हमलावरों ने धमकी दी कि “आगे बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा।” इतना ही नहीं, चैंबर में रखी जरूरी फाइलें और दस्तावेज भी कथित तौर पर फाड़े गए और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया। पीड़ित के अनुसार, चैंबर में आग लगाने की धमकी भी दी गई, जिससे परिवार में डर का माहौल बन गया। वकील ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।

4 नामजद समेत 54 पर केस दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर हाफिजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस केस में 4 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 50 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में भूरा उर्फ इरफान मियां, वसीम मनीदार, दानिश और मौलाना खुर्शीद के नाम शामिल बताए गए हैं। UP News

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