प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

UP BJP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारियों की नई जिम्मेदारियों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 6 क्षेत्रीय प्रभारी और 7 मोर्चा प्रभारी नियुक्त किए हैं। इसके अलावा संगठन से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी की ओर से जारी नई व्यवस्था को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस संगठन को क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने पर है।
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति की है। नई सूची में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष स्तर के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है।
बीजेपी ने विभिन्न मोर्चों के लिए भी प्रभारियों की घोषणा की है। इनमें युवा, पिछड़ा, अनुसूचित जाति, महिला और अन्य मोर्चे शामिल हैं। नई जिम्मेदारियों में राजेश चौधरी को युवा मोर्चा, संजय राय को पिछड़ा मोर्चा, डॉ. धर्मेंद्र सिंह को अनुसूचित जाति मोर्चा, कामेश्वर सिंह को महिला मोर्चा, डॉ. प्रियंका रावत को अनुसूचित जनजाति मोर्चा और देवेश कोरी को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। सूची में शंकर गिरी को भी प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी दी गई है।
नई नियुक्तियों में एमएलसी और पूर्व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय का प्रभारी बनाया गया है। संगठन के लिहाज से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है। मुख्यालय प्रभारी के तौर पर उनका काम पार्टी कार्यालय से जुड़ी संगठनात्मक गतिविधियों के बेहतर संचालन और समन्वय से जुड़ा रहेगा।
बीजेपी ने प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा को मीडिया प्रभारी बनाया है। इसके अलावा ब्रज बहादुर को विस्तारक योजना का संयोजक, अर्चना मिश्रा को ‘मन की बात’ का संयोजक और राहुल वाल्मीकि को ‘मन की बात’ का सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने संगठन, मीडिया और जनसंपर्क से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां तय की हैं।
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। इससे पहले बीजेपी संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है। क्षेत्रीय प्रभारियों के जरिए पार्टी अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों की निगरानी और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विभिन्न मोर्चों के प्रभारी संबंधित सामाजिक और युवा वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों को गति देने का काम करेंगे। नई नियुक्तियों को इसी व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
नई टीम में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। बीजेपी पहले ही 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ और क्षेत्रीय स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है।
पार्टी की नई जिम्मेदारियों में पिछड़ा, दलित, महिला, युवा और अन्य सामाजिक वर्गों से जुड़े मोर्चों को भी महत्व दिया गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में इन संगठनों की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति के बाद अब इन नेताओं के सामने संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, जनसंपर्क और संगठनात्मक अभियानों को गति देना नई टीम की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
बीजेपी की यह नई संगठनात्मक व्यवस्था ऐसे समय में सामने आई है, जब उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख राजनीतिक दल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।
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