गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मेरठ जिले में प्रस्तावित इंटरचेंज के निर्माण पर फिलहाल ब्रेक लग गया है, क्योंकि किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इस विवाद के चलते अब इंटरचेंज का अलाइनमेंट बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।

UP News : गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मेरठ जिले में प्रस्तावित इंटरचेंज के निर्माण पर फिलहाल ब्रेक लग गया है, क्योंकि किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। इस विवाद के चलते अब इंटरचेंज का अलाइनमेंट बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे को हापुड़-किठौर मार्ग से जोड़ने के लिए एक अहम इंटरचेंज प्रस्तावित था। यह कनेक्टिविटी क्षेत्र के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन जैसे ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई, स्थानीय किसानों ने विरोध शुरू कर दिया।
मेरठ के अटौला समेत कई गांवों के किसानों का आरोप है कि उन्हें जमीन का मुआवजा कम दिया जा रहा है, जबकि निर्माण ज्यादा जमीन पर किया जाएगा। जमीन का सही सीमांकन (डिमार्केशन) नहीं किया गया है। इसी वजह से किसानों ने जमीन देने से इनकार कर दिया और नए सिरे से सीमांकन की मांग रख दी।
स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने फिलहाल जमीन खरीद की प्रक्रिया रोक दी है। सूत्रों के मुताबिक लखनऊ से अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत की गई। अब उनकी मांग को देखते हुए इंटरचेंज का अलाइनमेंट बदलने की तैयारी की जा रही है।
इस मामले को सुलझाने के लिए एक संयुक्त टीम बनाई गई है, जिसमें शामिल हैं आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, लार्सन एण्ड टुब्रो, * एल.एन. मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट (भोपाल) और यूपीडा की परियोजना इकाई शामिल है। यह टीम अब नए सिरे से सीमांकन करेगी और उसी आधार पर नया अलाइनमेंट तय करेगी।
मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी के सिंह के अनुसार किसानों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए जमीन का दोबारा सीमांकन कराया जा रहा है। उसी के आधार पर इंटरचेंज का नया प्लान और जमीन चिह्नित की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में अंतिम निर्णय के लिए यूपीडा के निदेर्शों का इंतजार किया जा रहा है।
* इंटरचेंज निर्माण में देरी संभव
* लागत बढ़ने की आशंका
* आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी प्रभावित
* प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर असर