ससुराल-मायके के विवाद की भेंट चढ़ी नवजात, अस्पताल में हंगामा
UP News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 05:21 PM
UP News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पारिवारिक कलह और उपेक्षा की शिकार से एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। रविवार को नवजात को पास के ही एक सीएचसी सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां पर मौके पर पहुंचे मायके और ससुराल पक्ष जमकर विवाद हो गया। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। नवजात की मौत की खबर मिलते ही ससुरालियों ने मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगा दिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शुक्रवार को जन्मी थी बच्ची
मूलरूप से बीडर गांव की रहने वाली फुलवंती (29) ने शुक्रवार रात दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों के मुताबिक बच्ची का वजन करीब 3.6 किलो था और प्रसव सामान्य रहा। फुलवंती का आरोप है कि न तो उसके पति रंगबहादुर और न ही ससुराल का कोई सदस्य बच्ची को देखने आया। जब उसने फोन पर बच्ची के जन्म की सूचना दी, तो पति ने कथित तौर पर बेहद बेरुखी से बात करते हुए फोन स्विच आॅफ कर दिया। अगले दिन बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मायके पक्ष ने बिना देरी किए अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन जब रविवार को ससुराल पक्ष को इसकी जानकारी मिली, तो वे बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और बच्ची पर अपना हक जताने लगे। दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ और मामला इतना बढ़ा कि अस्पताल परिसर में भीड़ जमा हो गई। तनाव के हालात को देखते हुए डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।
बेटी होने से मायके वाले थे नाराजा
ससुराल वालों ने आरोप लगाया कि बेटी होने की वजह से मायके वाले नाराज थे। जिससे बच्ची की सही से देखभाल नहीं की गई। उनका कहना था कि पहले से ही फुलवंती के चार बेटियां और एक बेटा है और इस नवजात को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। वहीं, फुलवंती का कहना है कि बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और समय पर मदद नहीं मिल सकी। उसने आरोप लगाया कि बच्ची के जन्म से लेकर मौत तक, ससुराल पक्ष ने कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई, और अब सिर्फ अधिकार जताने पहुंचे हैं। इस मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने स्पष्ट किया कि बच्ची जन्म के समय स्वस्थ थी और मां को सौंप दी गई थी। अस्पताल प्रशासन को उसकी मौत की जानकारी नहीं दी गई और यह भी नहीं बताया गया कि बच्ची को कब दफनाया गया। फिलहाल, बच्ची की मौत कैसे हुई, यह जांच का विषय है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस की जांच शुरू हो चुकी है और लोग सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं। बहरहाल एक मासूम बच्ची, जिसने अभी जीवन की शुरूआत भी ठीक से नहीं की थी, वह दो परिवारों की खींचतान और संवेदनहीनता की बलि चढ़ गई। अब सवाल यह है कि क्या उसे इंसाफ मिल पाएगा, और क्या दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।