चंदौली के राजकीय महिला चिकित्सालय में NHM के संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और इंश्योरेंस सुविधा लागू करने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कार्य बहिष्कार किया। राजकीय महिला चिकित्सालय में कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन मांगों के समर्थन में काम नहीं किया। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से अस्पताल में हलचल की स्थिति बनी रही। इससे पहले कर्मचारी करीब तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर विरोध जता चुके हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. नितेश केसरी के अनुसार, कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। इसके अलावा स्थायी कर्मचारियों के समान पद और समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग भी की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तों और वेतन में स्थायी कर्मचारियों की तुलना में अंतर बना हुआ है। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन भी दिया जा चुका है। कर्मचारियों ने कहा कि संविदा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत काम करने वाले कर्मियों को लंबे समय से नियमित किए जाने की मांग उठाई जा रही है। उनका जोर समान काम के बदले समान वेतन और सेवा सुविधाओं पर है। कर्मचारियों के मुताबिक अपनी मांगों को लेकर शासन स्तर पर ज्ञापन दिया जा चुका है। अब कर्मचारी मांगों के जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने इंश्योरेंस सुविधा तत्काल लागू करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि बीमा सुविधा को लेकर स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें अभी तक इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों ने मांग की कि बीमा सुविधा को बिना किसी और देरी के लागू किया जाए, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को जरूरी सुरक्षा मिल सके। कर्मचारियों का कहना है कि बीमा सुविधा से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इसी मुद्दे को भी उन्होंने अपने आंदोलन में शामिल किया है।डॉ. केसरी ने बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान कोई कर्मचारी अनुपस्थित नहीं था। कर्मचारी अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन मांगों के समर्थन में कार्य नहीं किया। इस दौरान बड़ी संख्या में NHM कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
इसी बीच उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी कर्मचारी संघ ने भी नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ की ओर से 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। इसके साथ ही एचआईवी/एड्स से संबंधित सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी भी दी गई है। उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी कर्मचारी संघ के अनुसार, 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 15 अक्टूबर को ईको गार्डन में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।
NHM कर्मचारियों ने भी स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। UP News :
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