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प्रदेश में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार अब उपभोक्ता एक साथ घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे।

UP News : उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार अब उपभोक्ता एक साथ घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों सुविधाएं हैं, उन्हें इनमें से एक विकल्प चुनना होगा। यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, तो उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा।पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की नई नीति लागू होने के बाद राज्य में तेजी से बदलाव दिख रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए प्रावधानों के तहत पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे अधिक से अधिक घरों तक पीएनजी की सुविधा पहुंचाई जा सके।UP News
राज्य में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियां बड़े स्तर पर काम कर रही हैं। मौजूदा समय में प्रदेश के कई जिलों में पाइपलाइन नेटवर्क तैयार हो चुका है और रोजाना औसतन करीब 2000 नए पीएनजीनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। कंपनियां कॉलोनियों, अपार्टमेंट्स और मोहल्लों में जाकर लोगों को पीएनजी के फायदे समझा रही हैं और कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं। UP News
जहां-जहां पाइपलाइन बिछ चुकी है और पीएनजी की आपूर्ति संभव है, वहां पीएनजी कंपनियां उपभोक्ताओं को नोटिस भेज रही हैं। यह सूचना रजिस्टर्ड या स्पीड पोस्ट के माध्यम से दी जा रही है। नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ताओं को तीन महीने का समय दिया जाएगा। इस अवधि के बाद संबंधित पते पर एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। UP News
सरकार और कंपनियों का कहना है कि पीएनजी एक सुरक्षित, सस्ता और निरंतर उपलब्ध रहने वाला विकल्प है। पाइपलाइन के जरिए 24 घंटे गैस सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहती। साथ ही, लीकेज की स्थिति में सुरक्षा तंत्र भी बेहतर बताया जा रहा है। यह पहल केवल गैस वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर शहरी जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक घर पीएनजी से जुड़ें और पारंपरिक सिलेंडर पर निर्भरता कम हो। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लेकर आ रहा है, जिसमें सुविधा, सुरक्षा और निरंतर आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। UP News
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