UP News: आरोपी ने सितंबर 2023 में जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़िता से विवाह कर लिया। बचाव पक्ष ने इसी विवाह का हवाला देकर राहत मांगी थी।

UP News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की विशेष अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज दुष्कर्म मामले में आरोपी युवक को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध के बाद पीड़िता से विवाह कर लेना कानून से बचने का आधार नहीं बन सकता।
20 जनवरी 2021 को पुरकाजी थाना क्षेत्र से एक किशोरी लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसके पिता ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला सहारनपुर निवासी युवक व उसके पिता के खिलाफ था।आरोपी ने सितंबर 2023 में जमानत पर रिहा होने के बाद पीड़िता से विवाह कर लिया। बचाव पक्ष ने इसी विवाह का हवाला देकर राहत मांगी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
अदालत ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिद्धू ने कहा कि आपराधिक कृत्य का फैसला साक्ष्यों और कानून के आधार पर होता है, न कि बाद में बने पारिवारिक संबंधों पर। ऐसे मामलों में विवाह को आधार मानकर राहत देने से न्याय व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर लोगों का विश्वास डगमगा जाएगा।
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो की धारा 3/4(1) के तहत 10 वर्ष कठोर कारावास व 8,000 रुपये जुर्माना, अपहरण व अन्य धाराओं में अतिरिक्त सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। पीड़िता को 14,000 रुपये मुआवजे का भी आदेश दिया गया। आरोपी के पिता की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाने से उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
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