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मायावती ने कहा कि महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैण्ड दिनांक 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, इसके बारे में ज़रूर बताना है ताकि पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें,

BSP NEWS: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 22 अप्रैल को कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी तरह धरना-प्रदर्शन नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
बसपा प्रमुख ने बुधवार को एक्स पर लिखी एक लंबी पोस्ट में पार्टी कार्यकर्ताओं को महिला आरक्षण सहित कई अन्य मुद्दों पर निर्देश दिए। उन्होंने लिखा, "महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैण्ड दिनांक 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, इसके के बारे में ज़रूर बताना है ताकि पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें, लेकिन इसके लिए पार्टी के अनुशासन के मुताबिक़ कोई भी धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है।"
मायावती ने 15 अप्रैल को क्या कहा था ?
मायावती ने ने 15 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समर्थन करते हुए कहा था कि इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान होना जरूरी है। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं होने पर महिला आरक्षण का उद्देश्य काफी हद तक पूरा नहीं होगा।
बीएसपी शासनकाल के बारे में लोगों को बताएं
अपनी पोस्ट में मायावती ने यह भी कहा कि वह पार्टी से जुड़े कामों के लिए दिल्ली जा रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के साथ-साथ पार्टी संगठन को मज़बूत करें, उसके जनाधार का विस्तार करें। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बीएसपी सरकार के दौरान किए गए विकास और जन कल्याण के कामों के बारे में जागरुकता पैदा करें।
बीएसपी प्रमुख ने कहा कि कार्यकर्ताओं को लोगों को यह भी बताना चाहिए कि कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—जिनमें एक्सप्रेसवे और नोएडा में एयरपोर्ट शामिल हैं—बीएसपी शासन के दौरान ही सोची गई थीं। ये परियोजनाएं पहले ही पूरी हो सकती थीं, लेकिन तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार की ओर कथित तौर पर पैदा की गई बाधाओं के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
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