लखनऊ के लिए आज बड़ा दिन, राजनाथ सिंह और सीएम योगी देंगे बड़ी सौगात

देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झूलेलाल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही परियोजना के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा।

राजनाथ सिंह और सीएम योगी आज रहेंगे मौजूद
राजनाथ सिंह और सीएम योगी आज रहेंगे मौजूद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Mar 2026 09:38 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को शुक्रवार को ट्रैफिक व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झूलेलाल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही परियोजना के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। इस अहम पहल के शुरू होने से राजधानी के लाखों लोगों को जाम की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रीन कॉरिडोर का दूसरा चरण शुरू होने के बाद डालीगंज, निशातगंज और समता मूलक चौक के बीच आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी के इस हिस्से में रोजाना भारी दबाव रहने के कारण लोगों को लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह परियोजना यातायात को नई रफ्तार देने का काम करेगी।

15 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में तैयार किए गए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण पर करीब 299 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह हिस्सा डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक विकसित किया गया है। इसकी लंबाई लगभग 7 किलोमीटर बताई जा रही है। इस चरण के चालू होने से करीब 15 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि यह कॉरिडोर राजधानी लखनऊ के भीतर यात्रा समय कम करने के साथ-साथ ईंधन की बचत और ट्रैफिक दबाव घटाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार इसे शहरी यातायात प्रबंधन के बड़े मॉडल के रूप में देख रही है।

तीसरे और चौथे चरण पर 1220 करोड़ रुपये होंगे खर्च

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना केवल दूसरे चरण तक सीमित नहीं है। शुक्रवार को इसके तृतीय और चतुर्थ चरण का भी शिलान्यास किया जाएगा। इन दोनों चरणों के निर्माण पर करीब 1220 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्तावित कार्यों में 1090 चौराहे से शहीद पथ तक फ्लाईओवर, चार लेन सड़क और बंधे का निर्माण शामिल है। इसके अलावा आईआईएम रोड से किसान पथ तक के बड़े विस्तार के लिए भी व्यापक योजना तैयार की गई है। इस पूरे विस्तार पर हजारों करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव रखा गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी में यह परियोजना आने वाले वर्षों में शहरी कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकती है।

आईआईएम से हजरतगंज और गोमतीनगर तक सफर होगा आसान

अब तक लखनऊ के कई हिस्सों से हजरतगंज और गोमतीनगर पहुंचने में लोगों को लंबा समय लग जाता था। खासतौर पर आईआईएम रोड से आने-जाने वाले यात्रियों को अक्सर करीब एक घंटे तक का समय लग जाता था। ग्रीन कॉरिडोर के विस्तार के बाद यही सफर घटकर लगभग 20 मिनट तक सिमट सकता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी में रोजाना दफ्तर, बाजार, स्कूल और अस्पताल जाने वाले लोगों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, दूसरे चरण के शुरू होते ही इस रूट पर यातायात अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित होने लगेगा। उनका मानना है कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना राजधानी के भीतर ट्रैफिक मूवमेंट को नई दिशा देगी। उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच ऐसी परियोजनाएं भविष्य की जरूरत मानी जा रही हैं।

166 पेड़ों को काटने के बजाय किया गया ट्रांसप्लांट

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना की एक खास बात यह भी रही कि निर्माण के दौरान पर्यावरणीय संतुलन का ध्यान रखा गया। परियोजना के रास्ते में आने वाले करीब 166 बड़े पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसप्लांट कराया गया। अधिकारियों का दावा है कि इन पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया है और वे सुरक्षित हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की इस कोशिश को प्रशासन की सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर के बीरबल साहनी मार्ग पर पहले पाम के पेड़ लगाए गए थे। हालांकि बाद में इन्हें हटाकर उनकी जगह दूसरे उपयुक्त पेड़ लगाए गए। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर पौधारोपण को लेकर तकनीकी चूक हुई थी, जिसे बाद में सुधार लिया गया। अब यहां ऐसे पौधे लगाए गए हैं जो इस क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त माने जा रहे हैं। बता दें कि ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का पहला चरण 11 मार्च 2024 को शुरू किया गया था। उस चरण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके तहत आईआईएम रोड से पक्का पुल तक 6.8 किलोमीटर लंबे हिस्से को विकसित किया गया था। अब दूसरे चरण के लोकार्पण के साथ यह परियोजना आगे बढ़ रही है, जबकि डालीगंज के बीच के हिस्से और 1090 चौराहे से लामार्ट होते हुए शहीद पथ तक के हिस्से पर भी काम जारी है। UP News

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खुफिया एजेंसियों ने गाजियाबाद से देश विरोधी गतिविधियों में शामिल छह को किया गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। यह कार्रवाई गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में पुलिस, एटीएस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

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गाजियाबाद जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 06:28 PM
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UP News : गाजियाबाद जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। यह कार्रवाई गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में पुलिस, एटीएस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

गतिविधियों को संचालित करने के लिए बनाया था अलग समूह

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शावेज (20), जुनैद (23), फरदीन (22), इकराम (36), फजलू (48) और जावेद (45) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ये सभी लोग इंटरनेट और अन्य माध्यमों के जरिए भड़काऊ और देश विरोधी सामग्री फैलाने में सक्रिय थे। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने अपनी गतिविधियों को संचालित करने के लिए एक अलग समूह भी बना रखा था।

सभी आरोपियों से मसूरी थाने में गहन पूछताछ की जा रही

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इनका संपर्क लोनी के यूट्यूबर सलीम स्वास्तिक पर हुए हमले में शामिल लोगों से था। इस संबंध में इनपुट इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) को मिला था, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई की। लोनी में यूट्यूबर पर हुए हमले के बाद इलाके में पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी गई थी। इसी दौरान नाहल गांव से जुड़े इन संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल सभी आरोपियों से मसूरी थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनकी कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जांच के आगे बढ़ने के साथ नए खुलासों की संभावना भी जताई जा रही है।


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संभल के सीओ ने कहा-ज्यादा खुजली हो रही हो तो ईरान भेज दूंगा

संभल जिले में अलविदा जुमा और ईद-उल-फितर को शांति और सुरक्षा के साथ मनाने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है। इसी के तहत संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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संभल के सीओ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:59 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अलविदा जुमा और ईद-उल-फितर को शांति और सुरक्षा के साथ मनाने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क है। इसी के तहत संभल कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

सीओ का विवादित बयान

सीओ सदर कुलदीप कुमार ने बैठक में कहा कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के बीच जिले में कुछ लोगों की खुजली बढ़ रही है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जिसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, वह जहाज में बैठकर ईरान जाकर लड़ाई लड़कर लौट आए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद या विदेशों के मुद्दों को लेकर स्थानीय लोगों को नारेबाजी नहीं करनी चाहिए। किसी प्रकार की हिंसा, काली पट्टी बांधना या विरोध प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस की भूमिका

सीओ ने यह भी कहा कि पुलिस सिर्फ वही कार्रवाई करेगी जहाँ स्लोगन लिखे जाते हैं या पोस्टर छपते हैं। स्थानीय कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी प्रयास को रोकने के लिए पूरी तैयारी है। बैठक में मौजूद समाजसेवी हाजी एहतेशाम और अन्य गणमान्य लोगों ने शहरवासियों से अपील की कि अलविदा जुमा और ईद के पर्व को शांति, भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाया जाए। सीओ ने भी कहा कि त्योहार प्यार और मिठास का है, इसलिए कोई भी कड़वाहट न फैलाए।


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