विज्ञापन
Noida Crime News: दोनों संदिग्धों की उम्र 20 साल है। यूपी एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर एक साजिश रच रह हैं।

Noida News: उत्तर प्रदेश एंटी-टेरर स्क्वॉड ने गुरुवार को नोएडा में दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और आईएसआई के इशारे पर काम कर रहे थे।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक दोनों संदिग्धों की उम्र 20 साल है। इनकी पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और समीर खान के तौर पर हुई है। उनके पास से एक पिस्तौल, ज़िंदा कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ।
यूपी एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर एक साजिश रच रह हैं। सूचना मिलने के बाद ये कार्रवाई की गई।
भारतीय युवाओं को भड़काने की प्लानिंग
एटीएस ने बताया कि दोनों आरोपी आतंकवादी संगठनों और अपराधियों के साथ मिलकर इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए भारतीय युवाओं को भड़काने की प्लानिंग कर रहे थे।
दोनों ने गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी और आबिद जट्ट के साथ मिलकर काम किया, मकसद टारगेटेड हत्याएं करने और संवेदनशील जगहों की रेकी करने के लिए 'स्लीपर सेल' बनाना था।
यूपी एटीएस के अनुसार, भट्टी ने कथित तौर पर तुषार को 3 लाख रुपये देने की पेशकश की थी, जिसमें से कुछ रकम दे दी गई। तुषार से हमलों को अंजाम देने के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान जाने के लिए पासपोर्ट उपलब्ध कराने का वाद किया था। इस सब संबंध आईएसआई के एजेंटों से था, जिन्हें 'मेजर हामिद', 'मेजर इक़बाल' और 'मेजर अनवर' के नाम से जाना जाता है।
रेडिकल ग्रप की पहुंच बढ़ाने का मिशन
दूसरे संदिग्ध समीर खान को “तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान” (टीटीएच) नाम के एक रेडिकल ग्रुप की पहुंच बढ़ाने का काम सौंपा गया था। उसे इस काम के लिए भर्तियां करने, प्रोपेगैंडा और डर फैलाने का जिम्मा सौंपा गया था।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक एटीएस लोकल सपोर्ट नेटवर्क और "तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान" मॉड्यूल से जुड़े अतिरिक्त स्लीपर सेल्स का पता लगाने के लिए पुलिस हिरासत रिमांड की मांग कर रही है।
विज्ञापन