
UP News : उत्तर प्रदेश अब केवल देश की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला राज्य नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने के लिए खेल क्षेत्र में अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। राज्यभर में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक मिनी स्टेडियम और हर मंडल में एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट किया कि अब प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण या अवसर के लिए दूसरे राज्यों में भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। गुरुवार को खेल, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेल से जुड़े सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
इसके साथ ही सभी स्तरों पर नियमित समीक्षा—मंत्री स्तर पर मासिक, प्रमुख सचिव द्वारा पखवाड़िक और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक रूप से की जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी या शिथिलता न आए।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य सिर्फ स्टेडियम बनाना नहीं, बल्कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की तर्ज पर ऐसे संस्थान तैयार करना है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बना सकें। अभी तीन मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज चालू हैं और तीन अन्य में निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने बाकी 12 मंडलों में भी प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।
इन कॉलेजों को भविष्य में प्रस्तावित राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से जोड़ा जाएगा, जिससे छात्र-खिलाड़ियों को शिक्षा और प्रशिक्षण दोनों एक साथ मिल सके।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान हर विधानसभा में मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्थापना के आदेश दिए। ये स्टेडियम केवल खेल के आयोजन स्थल नहीं होंगे, बल्कि ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक की खेल प्रतियोगिताओं के केंद्र बनेंगे। इसका उद्देश्य है—छुपी हुई प्रतिभाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करना।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि खिलाड़ियों का चयन पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाए। खेल प्रतियोगिताओं को ग्राम, ब्लॉक, जिला, मंडल और राज्य स्तर पर नियमित रूप से आयोजित किया जाए, ताकि किसी भी प्रतिभा को अनदेखा न किया जा सके।
खेल के साथ-साथ राज्य सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) और मंगल दलों की क्षमताओं को भी सशक्त करने की योजना बनाई है। इन्हें आपदा प्रबंधन एवं ट्रैफिक नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में भी इनकी भूमिका को और मज़बूत किया जाएगा। UP News