वाराणसी से खजुराहो के बीच चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों राज्यों के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी। यह ट्रेन देश की सबसे आधुनिक रेल तकनीक से सुसज्जित है जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर आराम, वाई-फाई, और स्वचालित दरवाजों जैसी सुविधाएँ होंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के बाद उत्तर प्रदेश का वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 नवंबर को अपने संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली एक अत्याधुनिक रेल सेवा होगी। इसके चलने के बाद उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए पर्यटन और आवागमन सुविधाजनक हो जाएगी।
वाराणसी से खजुराहो के बीच चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों राज्यों के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी।
यह ट्रेन देश की सबसे आधुनिक रेल तकनीक से सुसज्जित है जिसमें अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर आराम, वाई-फाई, और स्वचालित दरवाजों जैसी सुविधाएँ होंगी।
* प्रस्थान: वाराणसी जंक्शन से सुबह लगभग 5:25 बजे
* रूट: वाराणसी - प्रयागराज - सतना - खजुराहो
* पहुंचने का समय: दोपहर करीब 1:10 बजे
* वापसी: दोपहर 3:00 बजे खजुराहो से रवाना होकर शाम तक वाराणसी पहुंचेगी।
* फ्रीक्वेंसी: सप्ताह में 6 दिन (1 दिन मेंटेनेंस के लिए अवकाश)।
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र में चल रही कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का जमीनी निरीक्षण करेंगे।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बनारस रेलवे स्टेशन का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्टेशन के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दौरे के दौरान पीएम मोदी अपनी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकतार्ओं से भी मुलाकात करेंगे। वाराणसी से कार्यक्रम पूरे करने के बाद वे बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए रवाना होंगे। यह दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में भाजपा के विकास एजेंडा को नया बल मिलेगा। वाराणसी और खजुराहो दोनों ही शहर भारतीय संस्कृति, कला और अध्यात्म के प्रतीक हैं। एक ओर काशी विश्वनाथ का दिव्य धाम है, तो दूसरी ओर खजुराहो के प्राचीन मंदिर विश्व धरोहर की शान हैं। अब इन दोनों को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस न केवल यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।
ेंगे।