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राम जन्मभूमि से जुड़े कथित चंदा (दान) चोरी मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के दौरान मंदिर प्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर मंथन जारी है।

UP News : राम जन्मभूमि से जुड़े कथित चंदा (दान) चोरी मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक के दौरान मंदिर प्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर मंथन जारी है। बैठक के बीच ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की पहली औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने कथित गड़बड़ी पर गहरी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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महंत नृत्य गोपाल दास ने एक हस्तलिखित पत्र के जरिए कहा कि यदि मंदिर से जुड़े दान में किसी भी प्रकार की चोरी या अनियमितता साबित होती है, तो दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका यह बयान सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर राजनीतिक व प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।
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अयोध्या में चल रही ट्रस्ट की बैठक में कई अहम मुद्दों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें शामिल हैं-
* चंपत राय और अन्य पदाधिकारियों के इस्तीफे पर फैसला
* एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट की समीक्षा
* दान-पात्रों से मिली राशि की गणना और आॅडिट प्रक्रिया
* मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रस्ताव
* नए प्रशासनिक ढांचे पर चर्चा।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के संचालन में बड़े बदलाव भी संभव हैं।
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इस पूरे विवाद की जांच के तहत विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, और पूछताछ में कथित वित्तीय गड़बड़ी की बात सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए नए नामों को शामिल करने और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण पर भी चर्चा हो रही है। इसमें प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय नियंत्रण को सख्त करने जैसे प्रस्ताव प्रमुख हैं। राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और दान व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बैठक में क्या फैसले लिए जाते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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