उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थापित ताजमहल का नाम हर किसी ने सुना है। ताजमहल के इतिहास (Taj Mahal History) की बात करें तो समझ में आता है कि ताजमहल का इतिहास (Taj Mahal History) अपने साथ बहुत सारे किस्से समेटे हुए है।

Taj Mahal History : उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थापित ताजमहल का नाम हर किसी ने सुना है। ताजमहल के इतिहास (Taj Mahal History) की बात करें तो समझ में आता है कि ताजमहल का इतिहास (Taj Mahal History) अपने साथ बहुत सारे किस्से समेटे हुए है। ताजमहल के इतिहास के साथ एक बहुत प्रसिद्ध किस्सा यह भी जुड़ा हुआ है कि ताजमहल का बहुत बड़ा खजाना समुद्र की गहराई में डूब गया था। 300 साल पहले डूबा हुआ यह खजाना वर्ष-1963 में कए व्यक्ति को समुद्र के अंदर से मिला था।
दुनिया के प्रसिद्ध लेखक ऑर्थर सी क्लार्क को समुद्र की गहराई में से ताजमहल का डूबा हुआ खजाना मिला था। ताजमहल का खजाना मिलने की घटना के ऊपर रॉबर्ट नाम के एक फिल्मकार ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रसिद्ध लेखक ऑर्थर सी क्लार्क को यह ताजमहल के चांदी के सिक्कों का यह खजाना तब मिला था, जब वह 1963 में श्रीलंका के तट से दूर समुद्र में गोते लगा रहे थे। उन्होंने समुद्र के भीतर एक जहाज के मलबे मिले, जिसमें ये सिक्के मिले। ये सिक्के 1700 दशक की शुरुआत में ढाले गए थे। इसे मुगल बादशाह औरंगजेब ने ढलवाया था। ये सिक्के 1701 और 1702 में ढलवाए गए थे, उस वक्त औरंगजेब का शासन था।
प्रसिद्ध लेखक ऑर्थर सी क्लार्क ने वर्ष-2001 में एक किताब लिखी थी। उस किताब में भी ताजमहल के खजाने का जिक्र है। माना जाता है कि क्लार्क को गोताखोरी के दौरान 1,000-1,000 चांदी के सिक्के मिले, जिनकी कीमत करीब 7 लाख डॉलर(करीब 6.5 करोड़ रुपये) बताई जाती है। बताया जाता है कि कोई जहाज मसालों के रूट पर था, जब वह डूब गया। रॉबर्ट ने दावा किया है कि यह वाकई में ताजमहल का डूबा हुआ खजाना था। वह इसे नीलामी के जरिये बेचना चाहते थे। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 300 साल पहले एक भारतीय व्यापारी सूरत से अपने जहाज से मसालों के आवाजाही वाले रास्ते से पूर्व की ओर जा रहा था। उसने अपने साथ कई बैग लाद रखे थे, जिसमें हर एक में 1,000 चांदी के सिक्के रखे हुए थे। ये चांदी का रुपया था, जो उस वक्त मुगल काल में चलता था। ये रुपया मुगल बादशाह औरंगजेब के आदेश पर ढलवाया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह जहाज सीलोन (श्रीलंका का पुराना नाम) के एक छोटे से द्वीप पर रुका था। मगर, एक प्राकृतिक आपदा ने जहाज को डुबो दिया। यह जहाज कभी सूरत नहीं लौट पाया। औरंगजेब को कभी ये पैसे वापस नहीं मिल पाए। ताजमहल के डूबे हुए खजाने की तलाश में औरंगजेब जीवन भर लगा रहा था।
ताजमहल को मुगल शासक शाहजहां ने अपनी बीवी मुमताज महल की याद में बनवाया था। इसे बनाने में करीब 20 साल लगे थे। यह 1632 में बन पाया था। शाहजहां का बेटा था औरंगजेब, जिसने अपने पिता को नजरबंद कर दिया था। भारत में चांदी के रुपये का चलन वैसे तो अफगान शासक शेरशाह सूरी ने शुरू किया था। शेरशाह ने भारत में मुद्रा प्रणाली की स्थापना की, जिसे मुगलों के बाद अंग्रेजों ने भी अपनाया। आज भी यह भारतीय मुद्रा प्रणाली का आधार है। Taj Mahal History