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प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का तबादला एक बार फिर सुर्खियों में है। देवरिया की जिलाधिकारी के पद से हटाकर उन्हें अब राजस्व परिषद में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का तबादला एक बार फिर सुर्खियों में है। देवरिया की जिलाधिकारी के पद से हटाकर उन्हें अब राजस्व परिषद में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह मधुसूदन हुगली को देवरिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। यह तबादला ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में कुल 38 आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर सूची जारी की गई, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा दिव्या मित्तल को लेकर ही हो रही है। UP News
दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने लंदन में अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर सिविल सेवा परीक्षा पास कर देश सेवा का रास्ता चुना था। अपनी सख्त कार्यशैली और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रवैये के कारण वे लगातार चर्चा में रही हैं। देवरिया में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े प्रशासनिक फैसले लिए गए, जिनमें अवैध कब्जों पर कार्रवाई, लापरवाह अधिकारियों पर सख्ती और सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग शामिल रही। सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, वे अक्सर साफ शब्दों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह संदेश देती नजर आईं कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में किसी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनकी यह कार्यशैली कई बार सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई। UP News
हालांकि आधिकारिक तौर पर तबादले का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि दिव्या मित्तल की सख्त कार्यशैली और स्थानीय राजनीतिक व्यवस्था के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सख्ती, अवैध कब्जों पर कार्रवाई और किंग साइज एक्शन जैसी छवि के चलते वे कई बार विवादों में भी रहीं। यही वजह बताई जा रही है कि उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। UP News
यह पहली बार नहीं है जब दिव्या मित्तल का ट्रांसफर चर्चा में आया हो। इससे पहले मिजार्पुर में जल जीवन मिशन के तहत उनके काम की सराहना हुई थी, लेकिन प्रोटोकॉल और प्रशासनिक मतभेदों के बाद उनका तबादला कर दिया गया था। नए आदेश के तहत दिव्या मित्तल को राजस्व परिषद में विशेष सचिव बनाया गया है। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद माना जाता है, लेकिन फील्ड पोस्टिंग की तुलना में यह अपेक्षाकृत कम राजनीतिक और जनसंपर्क भूमिका वाला पद है। UP News
उनके तबादले को लेकर दो तरह की राय सामने आ रही है कि एक पक्ष इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है। दूसरा पक्ष इसे एक सख्त और ईमानदार अधिकारी पर राजनीतिक दबाव का नतीजा मान रहा है। दिव्या मित्तल का मामला एक बार फिर इस बहस को हवा दे रहा है कि क्या ईमानदार और सख्त अफसरों की कार्यशैली सिस्टम में आसानी से स्वीकार नहीं की जाती, या यह केवल रूटीन ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल, आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन उनकी नई पोस्टिंग और देवरिया से विदाई प्रशासनिक हलकों में लंबे समय तक चर्चा में रहने वाली है। UP News
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